Friday, March 27, 2026
HomeNewsbeatराम कथा में उमड़ा आस्था का सागर, धर्म विजय के प्रसंगों ने...

राम कथा में उमड़ा आस्था का सागर, धर्म विजय के प्रसंगों ने भावविभोर किए श्रद्धालु

सिद्धार्थनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के पथरा बाजार क्षेत्र के गौरी पाठक गांव में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के आठवें दिन श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए। अयोध्या धाम से पधारे कथावाचक रामकुमार दास जी महाराज ने रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध, कुम्भकरण वध और रावण वध की कथा सुनाई। कथा सुनने के लिए क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कथावाचक ने बताया कि लंका युद्ध के दौरान मेघनाद और लक्ष्मण के बीच भीषण युद्ध हुआ। युद्ध के दौरान मेघनाद के शक्तिबाण से लक्ष्मण मूर्च्छित हो गए, जिससे पूरी वानर सेना और भगवान श्रीराम चिंतित हो उठे। इसके बाद हनुमान जी संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा करते हैं और पुनः युद्ध में लक्ष्मण मेघनाद का वध करते हैं। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने संकट में धैर्य, विश्वास और समर्पण की भावना का संदेश दिया।
उन्होंने आगे बताया कि युद्ध में कुम्भकरण का वध भगवान श्रीराम के हाथों हुआ, जो अहंकार और अज्ञान के अंत का प्रतीक है। इसके बाद रावण वध का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि अधर्म, अन्याय और अत्याचार का अंत निश्चित है और धर्म की विजय सदैव होती है।
कथा के दौरान माता शबरी प्रसंग का भी विस्तार से वर्णन किया गया, जिसमें शबरी की निष्कलंक भक्ति, समर्पण और भगवान श्रीराम के प्रति उनके अटूट प्रेम को दर्शाया गया। कथावाचक ने बताया कि सच्ची भक्ति में भेदभाव का कोई स्थान नहीं होता।
कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन का भी आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालु झूम उठे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कथा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था तथा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए स्थानीय कमेटी के सदस्य सक्रिय रहे। सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था के भी पर्याप्त इंतजाम किए गए थे।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री राजू श्रीवास्तव ने भगवान श्रीराम का विधि-विधान से राज्याभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं। अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments