Saturday, February 28, 2026
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कोडीन सिरप के जरिए फैला नशे का बड़ा नेटवर्क: लखनऊ से बिहार, नेपाल और बांग्लादेश तक हुई सप्लाई

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप के जरिए चल रहे नशे के कारोबार का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है। लखनऊ में पकड़ी गई बड़ी खेप की जांच में सामने आया है कि इस सिरप की आपूर्ति प्रदेश के विभिन्न जिलों, बिहार, पश्चिम बंगाल, और सीमावर्ती रास्तों से होते हुए नेपाल और बांग्लादेश तक की गई।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) की जांच में पाया गया कि अर्पिक फार्मास्युटिकल्स और ईधिका लाइफसाइंसेज नामक फर्मों ने फर्जी बिलों और अवैध लाइसेंस नंबरों के जरिए इस सिरप की आपूर्ति की। जांच के दौरान कई ऐसे मेडिकल स्टोर और फर्म सामने आए जिनका अस्तित्व ही नहीं था।

फर्जी बिल और गलत लाइसेंस से हुई बिक्री

लखनऊ मंडल के सहायक आयुक्त ब्रजेश कुमार ने बताया कि जांच में यह साबित हुआ है कि दोनों फर्मों ने काल्पनिक लाइसेंसधारियों के नाम पर बिक्री की और कोडीन युक्त सिरप को “औषधि” नहीं बल्कि नशे के रूप में बेचने के लिए नेटवर्क तैयार किया गया था।
पहले भी इन कंपनियों के खिलाफ नशे की बिक्री के मामले दर्ज हो चुके हैं।

बड़े पैमाने पर कार्रवाई

आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि पूरे प्रदेश में जांच अभियान जारी है। अब तक:

115 नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं,

16 एफआईआर दर्ज हुई हैं,

6 लोग गिरफ्तार किए गए हैं,

25 मेडिकल स्टोर्स पर कोडीन और नॉरकोटिक दवाओं की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

विभाग ने कहा कि जिन राज्यों में दवाओं की आपूर्ति के सबूत मिले हैं, वहां की एजेंसियों को भी सतर्क किया गया है।

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अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के सबूत

जांच में यह भी सामने आया कि नेपाल और बांग्लादेश तक इस सिरप की अवैध आपूर्ति की गई थी। पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजे गए सिरप की ट्रेसिंग रिपोर्ट अब इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन यूनिट को भेजी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क संगठित नशा माफिया गिरोह द्वारा संचालित किया जा रहा था।

लखनऊ से शुरू हुआ यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय नशा सिंडिकेट का रूप ले चुका है। एफएसडीए और पुलिस की संयुक्त जांच से साबित हुआ कि औषधियों के नाम पर कोडीन सिरप को नशे के लिए बड़े पैमाने पर बेचा जा रहा था।

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