बिहार (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार के रोहतास जिले में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा टल गया। सासाराम के पास रोहतासगढ़ किला और रोहितेश्वर धाम को जोड़ने के लिए बनाए जा रहे नवनिर्मित रोपवे का ट्रायल चल रहा था, तभी यह अचानक ध्वस्त हो गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
ट्रायल के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ टावर, चार ट्रॉलियां टूटीं
अधिकारियों के अनुसार, रोपवे के ट्रायल के दौरान इससे जुड़ा एक टावर क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि ट्रायल में इस्तेमाल की जा रही चार ट्रॉलियां भी टूट गईं। मौके पर मौजूद मजदूरों ने समय रहते सतर्कता दिखाई और खुद को सुरक्षित बचा लिया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
हादसे के बाद रोपवे परियोजना की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के वरिष्ठ अभियंता खुर्शीद करीम ने बताया कि रोपवे का ट्रायल जारी था और लोड बढ़ाने के दौरान एक तार फंस गया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। उन्होंने कहा कि परियोजना का अभी काफी काम बाकी है और इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।
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कोलकाता से विशेषज्ञ टीम करेगी जांच
करीम ने जानकारी दी कि घटना की तकनीकी जांच के लिए कोलकाता से विशेषज्ञों की टीम बुलाई जा रही है। सभी ट्रायल सफल होने और अधिकारियों की पूरी संतुष्टि के बाद ही रोपवे को आम लोगों के लिए शुरू किया जाएगा।
कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
इस घटना को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस की बिहार इकाई के अध्यक्ष राजेश राम ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रोहतासगढ़ रोपवे परियोजना कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब टावर चार ट्रॉलियों का भार नहीं झेल सका, तो भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। कांग्रेस ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।
