होली स्पेशल रेसिपी: घर पर बनाएं स्वादिष्ट मूंग दाल बाफरी, पारंपरिक स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल
होली का त्योहार सिर्फ रंगों का ही नहीं, बल्कि स्वाद और परंपरा का भी पर्व है। इस खास मौके पर जब घर-घर में गुझिया, मालपुआ और दही बड़े बनते हैं, तो कुछ लोग पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन भी तलाशते हैं। ऐसे में मूंग दाल बाफरी एक बेहतरीन विकल्प है। मध्य भारत, खासकर मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में यह व्यंजन बेहद लोकप्रिय है। दाल-बाटी की तरह दिखने वाली मूंग दाल बाफरी स्वाद में हल्की, पौष्टिक और आसानी से पचने वाली होती है।
यह लेख आपको मूंग दाल बाफरी की संपूर्ण रेसिपी, बनाने की विधि, परोसने का तरीका और जरूरी टिप्स फोटो सहित विस्तार से बताएगा।
मूंग दाल बाफरी क्या है?
मूंग दाल बाफरी पारंपरिक भारतीय व्यंजन है जो उबली हुई और फिर घी में डूबी हुई आटे की गोलियों से बनती है। इसे आमतौर पर पंचमेल दाल, हरी चटनी और लहसुन की चटनी के साथ परोसा जाता है।
दाल-बाटी से अलग, बाफरी को पहले पानी में उबाला जाता है और फिर हल्का सा बेक या तंदूर में सेंका जाता है। यही प्रक्रिया इसे अंदर से मुलायम और बाहर से हल्का कुरकुरा बनाती है।
होली पर मूंग दाल बाफरी क्यों बनाएं?
आटा सख्त गूंधें, तभी बाफरी सही बनेगी। उबालते समय पानी पर्याप्त होना चाहिए। घी शुद्ध और गरम होना चाहिए।दाल गाढ़ी रखें, ज्यादा पतली न हो।
मूंग दाल बाफरी के स्वास्थ्य लाभ
मूंग दाल प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती है।
घी ऊर्जा प्रदान करता है।
गेहूं का आटा जटिल कार्बोहाइड्रेट देता है।
इस तरह मूंग दाल बाफरी स्वाद के साथ पोषण भी देती है।
होली पर मेहमानों को चौंकाएं
अगर आप इस बार कुछ अलग परोसना चाहते हैं तो मूंग दाल बाफरी जरूर बनाएं। यह व्यंजन पारंपरिक भी है और सेहतमंद भी।
होली के रंगों के साथ जब गरमा-गरम मूंग दाल बाफरी परोसी जाती है, तो त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है।
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