July 25, 2024

राष्ट्र की परम्परा

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शिक्षा व्यवस्था को छिन्न-भिन्न करने वाला और अंधश्रद्धा तथा बाबाओं को बढ़ावा देने वाला बजट

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा)
फुले शाहू ,आंबेडकर के महाराष्ट्र बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रिपब्लिकन नेता महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष नामदेव साबले ने पत्रकारों से बातचीत में उक्त बजट की कड़ी आलोचना करते हुए इसे मौजूदा शिक्षा प्रणाली को छिन्न भिन्न करने वाला बताया। इसके साथ ही साबले ने अंधविश्वास को बढ़ावा देने के साथ साथ बुवा और बाबाओं को बढ़ावा देने वाला बजट बताया।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित बजट की आलोचना करते हुए साबले ने कहा कि अकेले नागपुर जिले में अंधविश्वास के नाम पर बुवा और बाबाओं को बढ़ावा देने के लिए 438 करोड़ रुपये का सार्वजनिक धन बर्बाद किया गया है। चेंबूर के सिद्धार्थ कॉलोनी में तीन आंबेडकरवादी शहीदों की हत्या में जिस व्यक्ति की भूमिका संश्यास्पद बनी हुई है उन्हीं के नाम पर विकलांगों के लिए एक सरकारी योजना की भी घोषणा की गई है। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि मागासवर्गीय , पिछड़े समाज को सिर्फ पुरानी घरकुल योजना को छोड़कर किसी भी नई योजना की घोषणा नहीं की गई इतना ही नहीं इस क्षेत्र में काम करने वाली पार्टी, महाज्योति और सार्थी जैसी संस्थाओं को बजट में कुछ नहीं मिला। ऐसा दुख उन्होंने व्यक्त किया
अंत में सिर्फ यह बजट वित्त मंत्री अजित पवार की संकल्पना पर आधारित है ऐसा कहा जाय तो अतिशयोक्ति न होगी।कुल मिलाकर यह बजट आगामी विधान सभा चुनाव के परिदृश्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एक धर्मार्थ बजट है। जिसमें खोखले वादों से जनता को खुश करने और किसानों को निराश करने वाला बजट है। ऐसी प्रतिक्रिया नामदेव साबले ने व्यक्त की है।