Friday, February 27, 2026
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बंदरों के आतंक से क्षेत्र को राहत पहुंचाने में जुटा विकास विभाग

बहराइच :(राष्ट्रकी परम्परा)! क्षेत्र को बंदरों के आतंक से मुक्त कराने में विकास विभाग का महकमा जुटा हुआ है।खण्ड विकास अधिकारी दीपेंद्र पाण्डेय की देखरेख में गांव सहित कस्बों व बाजारों से बंदरों को पकड़ कर जंगलों में छोड़े जाने का काम जोर शोर से शुरू है। शुक्रवार को ब्लाक मुख्यालय से करीब आधा दर्जन से अधिक बन्दर बलरामपुर, सिरसिया व गिलौला के अजीम,असगर,मन्नू,कलाम द्वारा पकड़े गये।अभियान के तहत अब तक हजारों की तादात में बन्दर पकड़ कर आधा दर्जन से अधिक गांवों को उनके आतंक से मुक्त कराया जा चुका है।बंदरों के आतंक से हैरान परेशान किसान व क्षेत्रवासियों ने बीडीओ दीपेंद्र पाण्डेय के इस पहल की जमकर सराहना की।
मालूम हो की बंदरों की बढ़ती तादात क्षेत्रवासियों के लिये मुशीबतों का सबब बनी है। त्रिकोलिया निवासी कृषक बब्बन सिंह ककरहा कुट्टी के महंत नरेंद्र गिरी का कहना है कि बंदरों के आतंक से खेतों में लगी सब्जियां, गेहूं व गन्ने की फसलें जहां पूरी तरह चौपट हो रहीं है वहीं आये दिन महिलाए व बच्चे इनका शिकार हो रहे हैं।बंदरों के आतंक से परेशान दर्जनों ग्रामीणों ने डीएम मोनिका रानी से मिलकर इनके आतंक से निजात दिलाने की गुहार लगायी थी। खण्ड विकास अधिकारी दीपेंद्र पाण्डेय ने बताया कि आये दिन बंदरों के आतंक से सम्बंधित शिकायतें मिल रही थी जिसके तहत अभियान चलाकर क्षेत्र को बंदरों के आतंक से मुक्त कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि झाला तरहर,मधनगरा,त्रिकोलिया, लालपुर,मोहम्मदपुर ककरहा सहित ब्लाक मुख्यालय से अब तक हजारों की तादात में बन्दर पकड़वाए गये है जिन्हें मिहींपुरवा और श्रावस्ती के जंगलों में छोड़ा गया है।श्री पाण्डेय ने बताया कि नगर पंचायत द्वारा सहयोग प्राप्त हुआ था ग्रामीण क्षेत्रों के साथ नगर क्षेत्र में भी अभियान जारी रहेगा।

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