Monday, February 23, 2026
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संस्कृति, संस्कार और संस्कृत अन्तः सम्बद्ध हैं: प्रो. उपेंद्र पाण्डेय

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग मे कुलपति प्रो. पूनम टण्डन के संरक्षकत्व में “संस्कृति संस्कृताधीन है” विषयक एकल व्याख्यान संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर उपेन्द्र पाण्डेय, अध्यक्ष संस्कृत विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी ने अत्यन्त उपादेय व्याख्यान दिया।
प्रोफेसर पाण्डेय ने कहा कि संस्कृति, संस्कार और संस्कृत अन्तः सम्बद्ध हैं। तीनों में एक ही धातु तथा उपसर्ग है। आज समाज में आचरण पक्ष का अभाव दृष्टिगोचर हो रहा है। आचार और व्यवहार पर विशेष ध्यान देना होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष प्रोफेसर कीर्ति पाण्डेय ने कहा कि संस्कृत केवल भाषा ही नहीं अपितु नैतिक मूल्यों की संवाहिका है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रंजनलता, स्वागत डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. लक्ष्मी मिश्रा ने किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ. देवेन्द्र पाल, डॉ. कुलदीपक शुक्ल, डॉ. धर्मेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. मृणालिनी, डॉ. ज्ञानधर भारती, डॉ. अर्चना शुक्ला सहित विभागीय छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहे।

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