सिकन्दरपुर/बलिया-(राष्ट्र की परम्परा)

इस्लाम वालों द्वारा मनाये जा रहे मातमी पर्व मोहर्रम के तहत रविवार को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच नगर के विभिन्न मोहल्लों से सातवीं का जुलूस निकाला गया।जिसमें अस्त्रों से लैस हजारों लोग शामिल हो कर्बला के शहीदों की याद को ताजा किया।
यहां अतीत से चली आ रही परम्परा के अनुसार मोहर्रम की सातवीं तारीख को नगर के डोमनपुरा,बढा और भिखपुरा मोहल्लों से अलग-अलग जुलूस निकाले जाते हैं। रविवार को रात में 11 बजे से पहले डोमनपुरा ततपश्चात बढा व भिखपुरा मोहल्लों से अलग अलग जुलूस निकाले गए जो परम्परागत मार्गों पर भ्रमण करते मध्य रात में मोहल्ला बढा स्थित दरगाह के मैदान में पहुंचे।भ्रमण के दौरान जुलूसों में शामिल लोग जहां ‘या अली’ ‘या हुसैन’ की सदा बुलन्द करते और मर्सिया व नवहा पढ़ते चल रहे थे
वहीं जुलूस के गुजरने के मार्गों के दोनों तरफ उसे देखने के लिए बूढ़े,बच्चों व महिलाओं की भीड़ जमा थी और लाठी लड़ाने की कला को देख कर वे रोमांचित हो रहे थे। इस दौरान बढा और भिखपुरा के जुलूस तो मैदान में ही रह गए जबकि डोमनपुरा का जुलूस वहां से आगे बढ़ कर मोहल्ला मुड़ियापुर स्थित दाता साहब के मज़ार प्रांगण में पहुंच कर खड़ा हो गया।
तीनों जुलूस अपने स्थान पर करीब एक घण्टा रुके रहे जिस में शामिल युवाओं ने अस्त्रकलाओं का बेहतरीन प्रदर्शन कर भीड़ का भरपूर मनोरंजन किया।बाद में सभी मोहल्लों के जुलूस अपने स्थान से प्रस्थान कर देर रात मोहल्लों में पहुंच कर समाप्त हो गए।
जुलूस में प्रमुख रूप से डाक्टर सैयद मिन्हाजुद्दीन अजमली,डोमनपुरा के सदर इश्तियाक खां,भिखपुरा के सदर जमील बेग,बढा के सदर हसनैन अंसारी सहित मदरसा  दारुल उलूम सरकारे आसी के मैनेजर हाजी शेख़ अलीमुद्दीन अहमद,शुएब अंसारी,लतीफ अहमद,डॉ नदीम,डॉ सलाहुद्दीन, सगीर अहमद,दानिश अंसारी,मोहिबुल्लाह इदरीसी,मुमताज खां मेम्बर, मास्टर एनुलहक अंसारी,सदरे आलम,इमरान अंसारी आरिफ अंसारी, खुर्शीद आलम,राकेश सिंह, राकेश यादव,गणेश सोनी,जितेश कुमार वर्मा आदि प्रमुख् लोग् शामिल रहे। इस दौरान शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रशासन द्वारा पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर रवि कुमार पासवान,क्षेत्राधिकारी आशीष कुमार मिश्रा,थाना प्रभारी दिनेश पाठक,चौकी प्रभारी कमला शंकर गिरी,अमरजीत यादव,शुरू से लेकर अंत तक डटे रहे।