Saturday, February 21, 2026
HomeUncategorizedअन्य खबरेआश्रम देखि जानकी हीना, भए बिकल जस प्राकृत दीना...

आश्रम देखि जानकी हीना, भए बिकल जस प्राकृत दीना…

बदलापुर/महाराष्ट्र(राष्ट्र की परम्परा)l नवरात्र के पावन अवसर पर बदलापुर परिसर में पहली बार रामलीला का मंचन शुरू किया गया है। जहां पर शाम होते ही स्थानीय लोगों की अच्छी खासी भीड़ उमड़ पड़ी है। यहां चल रही रामलीला में सीता हरण वाले प्रसंग में जब श्री राम हिरण का शिकार कर आश्रम आते है और आश्रम में सीता को न पाकर, व्याकुल हो उठते है और लक्षण से कहते है, हे लक्ष्मण मैं बोला था कि कुछ अनहोनी हो गई है देखो सीता आश्रम में नही है। और प्रभु श्रीराम जी सीता जी के खोज में व्याकुल होकर इधर उधर पेड़ पौधो से पूछते हुए सीते सीते पुकारते है, हे खग हे मृग मधुकर सयनी। तुम देखी सीता मृग नयनी।।यह दृश्य देख कर रामलीला के दर्शक भावविभोर हो जाते हैं। बदलापुर पश्चिम स्थित घोरपड़े मैदान में रामलीला में राम विलाप , राम साबरी भेट, राम हनुमान भेट , तथा बाली वध का सजीव चित्रण काशी धाम वाराणसी रामलीला मंडली के संचालक पवन शुक्ला के नेतृत्व में कुशल कलाकारों द्वारा किया जा रहा है।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए श्रीरामलीला महोत्सव समिति के अध्यक्ष दयाशंकर सिंह, सचिव मोहन श्रीवास्तव कार्याध्यक्ष, रितेश सिंह उपाध्यक्ष संजय सिंह,तथा बाला पिंगले,हरिश्चंद्र तिवारी,रजत त्रिपाठी,उदयभान सिंह,राकेश शुक्ला, रजनीकांत सिंह,आदेश कुमार मिश्र,कमलेश सिंह,सपना सिंह, प्रतिभा श्रीवास्तव कृष्णा रावत,शंकर सिंह तोमर,राहुल सिंह,ओंकार पांडेय, मनोज दुबे, तथा समिति के समस्त पदाधिकारीयों, सदस्यों के सहयोग से आयोजन को सफल बनाया जा रहा है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments