Thursday, March 26, 2026
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सरकारी अस्पतालों में मरीजो का आर्थिक शोषण

बलिया( राष्ट्र की परम्परा) सीयर सीएचसी पर प्रसूता महिलाओं के डिलेवरी के लिए बाहरी दवाईयां मंगाई जा रही है। जिससे परिजनों का खुब आर्थिक शोषण हो रहा है। जबकि अधिक्षक डा. राकेश सिंह डिलेवरी संबंधित हर तरह की दवा होने का दावा कर रहे है। बावजूद उनके नाक के नीचे ही डिलेवरी में बाहरी दवाओं और परिजनों के आर्थिक शोषण का खेल जारी है। यूपी के सरकारी अस्पतालों में गरीबों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवा के सरकार के दावे बेल्थरारोड में पूरी तरह से बेमानी साबित हो रह है।गुरुवार की शाम यहां पलिया और जिउतपुरा के प्रसूता महिलाओं का सामान्य डिलेवरी तैनात एएनएम द्वारा कराया गया। मौके पर महिला चिकित्सक नहीं थी। मौजूद डाक्टर टीएन यादव का दावा कि ओपीडी खत्म होने के बाद इमरजेंसी पर ही महिला डाक्टर पहुंचती है। इधर परिजनों ने डिलेवरी के नाम पर अस्पताल में की जा रही वसूली का दबी जुबान में विरोध किया। पलिया गांव से अपनी साली का डिलेवरी करवाने आएं विरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि डिलेवरी के लिए वे बाहर से 16 सौ की दवा ला चुके है और अभी कुछ दवाईयां लाना बाकी है। जबकि डिलेवरी के लिए अस्पताल में आठ सौ और चार सौ रुपया बारी बारी जमा कराया गया। कुछ ऐसी ही वसूली जिउतपुरा गांव से पहुंची प्रसूता के परिजनों से भी किया गया। अस्पताल में आशा को बदनाम कर बड़ा खेल जारी है। वैसे कुछ मामलों में आशाओं की कार्यशैली पहले से ही संदिग्ध रही है। सीयर सीएचसी अधिक्षक डा. राकेश सिंह ने बताया कि अस्पताल पर डिलीवरी संबंधित हर जरुरी दवाईयां उपलब्ध है। ऐसे में बाहर की दवा मंगाना गलत है। इसकी जांच की जायेगी। उन्होंने डिलेवरी के नाम पर पैसे लेने की शिकायत से इंकार किया। कहा कि किसी भी तरह की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच की जायेगी

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