Monday, February 23, 2026
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इंजीनियरिंग का क्षेत्र छोड़कर बनाया कपड़ा धोने का स्टार्टअप

बुक माई लाउंड्री नामक ड्राईक्लीनर से सैकड़ो लोगो को दिये रोजगार

फाजिलनगर/कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)
मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाला युवक आमतौर पर सरकारी नौकरी ढूंढता है पक्की नौकरी ढूंढता है। प्राइवेट जॉब है तो बड़ा बैनर चाहिए। यह सब पूरा होते हुए भी कुशीनगर के विजय गुप्ता ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर इंजीनियरिंग के क्षेत्र को वाय,वाय कर दी और शुरू कर दिया कपड़ा धोने का काम।आप इसे नहीं मानेंगे,लेकिन यही सच्चाई है। आज इनके पास देश के राजधानी दिल्ली समेत कई स्थानों पर अनेको स्टोर संचालित हैं। पिछले साल इनके स्टार्टअप ने करोडो रुपये का कपड़ा धोया है।

करियर की शुरूआत इंजीनियरिंग से

कुशीनगर जनपद के रामकोला निवासी विजय ने इलाहाबाद से बी टेक किया था। इसके बाद टेलीकॉम सेक्टर की कंपनी एयरटेल में नौकरी कर ली। वहां 2 साल नौकरी करने के बाद इनके जेहन में कुछ ऐसा करने को विचार आया जिससे इनके अलावे कुछ लोगो का रोजगार चल सके,फिर क्या इन्होंने इंजीनियरिंग की नौकरी को छोड़ बुक माई लाउंड्री डाईक्लिंयर्स का शुभारंभ किया। यह कंपनी देश की राजधानी दिल्ली सहित कई प्रदेशों में ड्राई क्लीन स्टोर चलाती है।

कैसे शुरू हुआ बुक माई लाउंड्री

विजय बताते हैं कि जब वह बी टेक कर रहे थे तो उन्हें हर महीने कुछ नया करने की सोच था। इस दौरान वह हॉस्टल में रहते तो थे लेकिन वहां कपड़े नहीं धुलवाते थे। उन्होंने वहीं खोजना शुरू किया और बुक माई लाउंड्री खोज लिया, वहीं से उन्हें प्रेरणा मिली और भारत में इस तरह का चेन बना डाला। इससे पहले उन्होंने ताज होटल, ओबराया होटल आदि के ड्राई क्लीनिंग विंग का अध्यययन किया। दुबई में भी ड्राई क्लीनिंग स्टोर का दौरा किया, इसके बाद अपने स्टोर चेन का खाका खींचा।इन्होंने बताया कि मेरा ब्रांच शुरुआत दिल्ली के कालका जी,नई दिल्ली,यूपी के नोयडा सेक्टर 29,ग्रेटर नोयडा,हरियाणा के गुड़गांव,गाजियाबाद, चंडीगढ़, मालवीय नगर,लखनऊ, आदि जगहों पर सुचारू रूप से चल रहा है।अन्य प्रदेशो में जल्द ही शुभारंभ होगा।आप भी यदि इस तरह के बिजनेस से पैसा कमाना चाहते है तो इनसे फ्रेंचाइजी ले सकते है।

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