
प्रख्यात साहित्यकार्य डॉ.नीलिमा पांडेय सहित साहित्यजगत की पत्रकार विभूतियाँ हुई सम्मानित
मुम्बई(राष्ट्र की परम्परा)
मुंबई के दादर बी एल वैद्य सभा गृह मे आयोजित दीपावाली स्नेह सम्मेलन मे समाज की विभिन्न क्षेत्र के हस्तियों के साथ साहित्यकारों और पत्रकार का सम्मान किया! इतना ही नही मानस परिवार के सम्मान समारहो मे कवियों, कवियत्रियो ने सभा गृह को राममय बनाने मे कोई कसर बकाया न रखी।
राकेश तिवारी उर्फ बबलू ने जहाँ मेरे झोपड़ी के भाग खुल जायेंगे गाकर पुरे सभा गृह के श्रोताओं को झूमने पर विवश कर दिया, तो दूसरी ओर साहित्यकारों कवियत्रियो ने भी अपनी रचना से पूरा राम मय माहौल तैयार कर दिया।कवियित्री निलिमा पांडेय ने अपनी रचना फूल पंखुड़ी भौरें मिलने आते है मेरे द्वारे तो कल कल झरने बहते है।
शेवरी बन मै रहा निहारूँ राम मेरे कब आओगे की रचना ने श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी।
दूसरी ओर कवियित्री रोशनी किरण को रामचरित मानस की महिमा सारे जग मे छाई है, की रचना को तालियों की गूंज सुनाई दी। दूसरी ओर कृपा शंकर की रचना लोग कुछ कर न पाये, हे भारत क्यों आज अवध आये…. जैसी हृदय स्पर्श रचनाओ ने गद गद कर दिया। इतना ही काव्य पाठ समापन के बाद एक के बाद एक साहित्यकारो का सम्मान मानस परिवार ट्रस्ट संस्था के राष्ट्रीय अधक्ष्य प्रमोद कुमार हंसराज पांडेय ने अपने हाथो से डॉ कृपाशंकर मिश्र, डॉ नीलिमा पांडेय, डॉ वर्षा महेश गरिमा, डॉ मार्कंडेय त्रिपाठी, डॉ रोशनी किरण, कुसुम तिवारी सहित पत्रकार यशपाल शर्मा को पुष्प गुच्छा, स्मृति चिन्ह सहित शाल ओढकर सम्मानित किया।
