
सीमा सुरक्षा के साथ- साथ एसएसबी महिलाओं को बना रही
स्वरोजगार परक
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सशस्त्र सीमा बल 22वीं वाहिनी के तरफ से नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत महिलाओं को रोजगार परक बनाने के लिए ठूठीबारी में तीस दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। एसएसबी जवान सीमा की सुरक्षा करने के साथ ही सीमावर्ती युवाओं को रोजगार परक बना रही है, जो काफी सराहनीय योगदान है। कार्यक्रम के मुख्यातिथि 22वी वाहिनी एसएसबी महराजगंज के द्वितीय कमान अधिकारी बासु पल्ली भोगराज व निचलौल तहसील के खंड विकास अधिकारी शमा सिंह रही।
प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए शमा सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिलाएं घर परिवार की जिम्मेदारियों को बखूबी के साथ निभाने के बाद भी उनके पास खाली समय बचता है, जिसका सदुपयोग करने के लिए उन्हें यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो सके। महिलाओं को स्वालंबन व आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से इस तरह के आयोजन किये जाते है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाए आत्मनिर्भर बन सके। इसके लिये प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम एवं मुद्रा लोन लेकर अपना स्वरोजगार प्रारम्भ कर सकती हैं। एसएसबी के द्वितीय कमान अधिकारी बासु पल्ली भोगराज ने अपने संबोधन में कहा कि सशस्त्र सीमा बल सीमा सुरक्षा एवं बंधुत्व की भावना के साथ विशेष अभियान चलाकर सीमावर्ती क्षेत्र के महिलाओं को रोजगार-परक बनाने का कार्य कर रही है। नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत छः नवंबर से चार जनवरी तक 30 दिवसीय कार्यशाला में महिलाओं को सिलाई हेतु ट्रेंड किया गया है। एनजीओ पुष्पा मद्धेशिया ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान सभी समान निःशुल्क दी जाएंगी। मुख्य रूप से स्कूल ड्रेस, सलवार सूट, बेबीफ्रांक , कपड़े सहित सिलाई के प्रशिक्षण दिए जाएंगे।
इस दौरान एसएसबी बीओपी कमांडर अजीत तालुकदार,बरुण मिश्रा, राकेश धाकड़, सहित तमाम लोग मौजूद रहें।
