Saturday, March 21, 2026
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ऑरटीई ऐक्ट के तहत चतुर्थ लाटरी 1 से 10 अगस्त के मध्य

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया है कि जिलाधिकारी संदीप कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार के लगातार प्रयास से शासन द्वारा निःशुल्क अनिवार्य एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत जनपद को चतुर्थ लॉटरी हेतु अवसर प्रदान किया गया है।
उन्होंने बताया कि महानिदेशक के निर्देशानुसार जनपदों की मांग के क्रम में चतुर्थ चरण की लाटरी दिनांक 01 अगस्त से 10 अगस्त के बीच निर्धारित की गई है। जिसके संदर्भ में जनपद संत कबीर नगर में जिलाधिकारी द्वारा इसकी पूर्व तैयारी के क्रम में एनएसएस के कार्यकर्ताओं का एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम हीरालाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय में किया जा चुका है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी के दिशा-निर्देशन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी आरटीई, खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय एवं जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता के मॉनिटरिंग में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा इन 10 दिनों में 1000 आवेदन पत्रों को ऑनलाइन किए जाने हेतु कार्य योजना बनाई जा रही हैl
इस क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर एवं न्याय पंचायत स्तर पर कार्य योजना का निर्माण किया गया है। ब्लॉक स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी और एक एआरपी को निरंतर आवेदन की स्थिति पर नजर रखने व आन लाइन कराने हेतु नोडल नामित किया जाएगा एवं समस्त शिक्षक संकुल का दायित्व होगा कि कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के अनुसार विद्यालयों की सेवित बस्ती से 5-5 बच्चों का ऑनलाइन आवेदन आरटीई की वेबसाइट पर कराएंगे तथा प्रत्येक एआरपी द्वारा 10 बच्चों का ऑनलाइन आवेदन कराया जाएगा इसके अतिरिक्त क्षेत्र के संभ्रांत व्यक्तियों ग्राम प्रधान, आशा कार्यकर्ती सहित अन्य लोगों को जिलाधिकारी के स्तर से निर्देशित कराया जाएगा कि वे सभी इस महाकल्याणकारी योजना में अपना अपना योगदान प्रदान करें, जिससे कि अधिक से अधिक बच्चों का निःशुल्क अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार के अंतर्गत प्रवेश कराया जा सके। जिलाधिकारी द्वारा जनपद के आरटीई के सीमा अंतर्गत आने वाले समस्त परिवार के बच्चो को प्रवेश दिलाने हेतु स्पष्ट निर्देश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए गए, यदि किसी विद्यालय द्वारा प्रवेश लेने में आनाकानी की जाती है तो उस विद्यालय के मान्यता समाप्त के संदर्भ में पत्रावली प्रस्तुत करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
प्रभारी जिला समन्वय सामुदायिक सहभागिता ने बताया कि इस योजना अंतर्गत केवल धार्मिक मान्यता प्राप्त संस्थाओं एवं अल्पसंख्यक मान्यता प्राप्त संस्थाओं को छोड़कर समस्त प्रकार के विद्यालयों चाहे वह सीबीएसई या आईसीएससी या बेसिक शिक्षा या अन्य किसी बोर्ड से मान्यता प्राप्त हो ऐसे विद्यालय आठवीं की वेबसाइट पर पंजीकृत हैं में बच्चों का प्रवेश कराया जा सकता है क्योंकि किसी भी बोर्ड की मान्यता हेतु बेसिक शिक्षा परिषद की मान्यता एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है जिसके आधार पर अन्य बोर्ड से मान्यता प्राप्त की जाती है। सीबीएसई शिक्षा विभाग द्वारा अपने मान्यता प्राप्त की जाती है अथवा एनओसी वापस ले ली जाती है तो संबंधित बोर्ड से विद्यालय की मान्यता स्वत समाप्त मानी जाती है।

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