Thursday, March 19, 2026
Homeउत्तर प्रदेशशल्य चिकित्सा अनुदान योजनान्तर्गत मूक बधिर बच्चों को सुनने एवं बोलने योग्य...

शल्य चिकित्सा अनुदान योजनान्तर्गत मूक बधिर बच्चों को सुनने एवं बोलने योग्य बनाने हेतु होगी सर्जरी

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी अखण्ड प्रताप सिंह ने बताया है कि उत्तर प्रदेश निर्धन एवं असहाय दिव्यांग व्यक्तियों की दिव्यांगता निवारण हेतु शल्य चिकित्सा नियमावली में कॉक्लियर इम्प्लान्ट सर्जरी को सम्मिलित करते हुए कॉक्लियर इम्प्लान्ट सर्जरी के लिये अनुदान की अधिकतम सीमा धनराशि रू0 600000/- प्रति लाभार्थी कर दिया गया है। जनपद में निर्धन एवं असहाय श्रवण बाधित (मूक बधिर) बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लान्ट योजना अन्तर्गत सर्जरी कराये जाने हेतु 0 से 05 वर्ष तक के ऐसे बच्चे जो बोल व सुन नही सकते हैं तथा जिनका निःशुल्क सर्जरी कराकर सुनने एवं बोलने योग्य बनाया जा सकता है। जनपद में ग्राम्य विकास तथा बाल विकास विभाग द्वारा उपरोक्तानुसार 0-5 साल तक के 72 बच्चों का चिन्हांकन किया गया है जो सुन व बोल नही सकते हैं, परन्तु उनमें से अधिकाधिक के पास मूक-बधिर होने का प्रमाण पत्र नही है।
जिलाधिकारी ने उक्त के दृष्टिगत प्राचार्य महर्षि देवरहा बाबा राजकीय मेडिकल कालेज एवं मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया है कि वे मूक-बधिर प्रमाण पत्र निर्गत करने हेतु सक्षम चिकित्सकों को नामित करते हुए जिला चिकित्सालय अथवा सुलभ स्थान पर एक कैम्प लगाकर इन बच्चों का परीक्षण कर प्रमाण पत्र निर्गत कराने सम्बन्धी कार्यवाही कराना सुनिश्चित करें। स्थल व चिकित्सकों के पूर्ण विवरण से जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी को अवगत कराना सुनिश्चित करें।
प्रभारी जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी कृष्णकान्त राय ने बताया है कि जनपद में जन्म से मूकबाधिर बच्चों को आंगनवाडी कार्यकर्तियों के माध्यम से चिन्हित किया जा रहा है। 03 बच्चों का काक्लियर इंप्लांट सर्जरी से सफल आपरेशन किया जा चुका है। उन्होंने बताया है कि यदि किसी बच्चें की सुनने व बोलने की समस्या हो, उम्र 05 वर्ष से कम हो तो अभिभावक इस योजना के तहत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग से सम्पर्क कर सकतें हैं। विभाग की तरफ से सहयोग किया जायेगा। विभाग के कार्यालय के मोबाइल नम्बर 9839910009 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
शल्य चिकित्सा अनुदान योजना के पात्रता के विवरण में उन्होंने बताया है कि आर्थिक रुप से कमजोर परिवार के बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्ति की सलाना आय 86460 रुपए से अधिक नही होनी चाहिये। शहरी क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति की सलाना आय 112920 रुपए से कम होनी चाहिये। जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, अभिभावक एवं बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments