Friday, March 6, 2026
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एक दिवसीय समसामयिक कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा) । कृषि परियोजनान्तर्गत ग्राम रमपुरवा विकास खंड मिहींपुरवा में पौध संरक्षण अनुभाग अंतर्गत “खरीफ फसलों में कीट-रोग प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय समसामयिक कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. के एम. सिंह ने की , जिसमें उन्होंने खरीफ फसलों में पोषण तत्व एवं खरपतवार प्रबंधन के बारे में संपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कृषकों से धान की सीधी बुवाई एवं उसके लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी दी। पौध संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. हर्षिता ने प्रशिक्षणार्थियों को फसलवार बीजोपचार का महत्त्व समझाया जिससे कम लागत में ही खरीफ फसलों को बीज जनित बीमारियों से रोगमुक्त रखा जा सके। उन्होंने बताया कि स्ट्रेप्टोमाईसिन सल्फेट 90% + टेट्रासाईक्लिन हाइड्रोक्लोराइड 10% 4 ग्राम प्रति 25 किलो बीज के साथ कार्बेंडाजिम 50% डब्ल्यू.पी. 2 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से बीजशोधन करने से धान में जीवाणु झुलसा, झोंका, भूरा धब्बा, शीथ ब्लाइट एवं हल्दिया रोग प्रकोप से बचा जा सकता है। जबकि अरहर, मूंग एवं उड़द में उकठा की समस्या से बचाव हेतु 4-5 ग्राम ट्राइकोडर्मा प्रति किलो बीज की दर से शोधन करना चाहिए साथ ही 2.5 किलो ट्राइकोडर्मा को 60 से 65 किलो गोबर की खाद में मिलाकर 1 सप्ताह बाद प्रति हे. की दर से खेत की तैयारी के समय भूमि में मिलाना चाहिए। वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार ने धान की उन्नत रोगप्रतिरोधक किस्मों एवं उनकी विशेषताओं के बारे में समस्त जानकारी दी। कार्यक्रम में लच्छी राम, धर्मेंद्र कुमार, भग्गू, चुन्ना लाल, जयप्रकाश, सविता, लीला वती, रीना देवी, किशनी, इंद्रानी, जगदीशनी समेत कुल 70 सेवकालीन प्रशिक्षणर्थियों ने प्रतिभाग किया।

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