Monday, April 6, 2026
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महिलाएं अगर स्वावलंबी बनीं तो उनके भीतर स्वाभिमान भी पैदा होगा: डॉ. हर्षिता

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)l आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, नानपारा द्वारा क्षमता परियोजना अंतर्गत चयनित ग्राम विशुनापुर, मिहींपुरवा में पांच दिवसीय रोजगार परक प्रशिक्षण युवतियों हेतु जीविकोपार्जन के लिए सिलाई एवं टेलरिंग प्रशिक्षण विषय पर आयोजित किया गया l जिसकी अध्यक्षता केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. के. एम. सिंह ने की।

उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक बेहतर दर्जी की मांग हमेशा बनी रहती है और यदि किसी ने अच्छा सिलाई कौशल हासिल किया है एवं धैर्य के साथ कार्य करता है तो वह अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर अच्छा लाभ कमा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान कौशल वर्धन के साथ-साथ महिलाओं को सरकार द्वारा चलाई जाने वाली अनेक योजनाओं की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण संयोजिका केंद्र की गृह वैज्ञानिक रेनू आर्या ने बताया कि महिलाओं को वस्त्रों की कटाई, सिलाई के अलावा कढ़ाई एवं अन्य प्रकार के सजावटी चीजों का इस्तेमाल करके वस्त्रों का मूल्य संवर्धन किया जाता है जिससे बाजार में अच्छी कीमत मिल सके तथा ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के जीविकोपार्जन में सहायक साबित हो सकती है साथ ही उन्होंने सिलाई मशीन के रखरखाव एवं सिलाई करते समय सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी।

डॉ. हर्षिता ने बताया कि महिलाएं अगर स्वावलंबी बनीं तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक उन्नति का आधार बन जाएंगी, बल्कि उनके भीतर स्वाभिमान भी पैदा होगा। उन्होंने यह कहा कि सिलाई एक ऐसा हुनर है, जिससे महिला घरेलू कामकाज के दौरान बचने वाले थोड़े से समय का सदुपयोग कर अपने और अपने परिवार का भविष्य बेहतर बना सकती हैं। डॉ. अरुण कुमार ने बिक्री एवं व्यवसाय को अधिकतम करने के लिए रणनीतियों के उचित सुझाव दिए । इस मौके पर श्यामा देवी, कृपा रानी, दशनौ देवी एवं मुन्नी समेत अन्य ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं ।

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