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मधेपुरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अपने एक बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। बेटियों की सुरक्षा और महिलाओं के साथ छेड़खानी की घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने ऐसा ऐलान कर दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच बहस छेड़ दी है। सांसद ने कहा कि लड़कियों के साथ छेड़खानी करने वालों के हाथ काटकर लाने वाले को दो लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि किसी भी आरोपी को उसके रसूख, राजनीतिक पहुंच या प्रभाव के चलते बख्शा नहीं जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने कानून के दायरे में कार्रवाई किए जाने की बात भी कही। उनके इस बयान पर अब सख्त कार्रवाई की मांग और कानून व्यवस्था से जुड़े सवाल उठने की संभावना है।
पप्पू यादव मधेपुरा जिले के खुर्दा करुवैली गांव में आयोजित ‘खुर्दा महोत्सव’ के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे। यहां उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों तथा दुकानों का उद्घाटन किया। इसी दौरान मंच से महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने छेड़खानी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की वकालत की। बात तब सुर्खियों में आ गई, जब उन्होंने कथित तौर पर ऐसे लोगों के हाथ काटकर लाने वाले को दो लाख रुपये देने का ऐलान कर दिया।
सांसद के इस बयान ने महिला सुरक्षा के सवाल के साथ-साथ कानून अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर भी बहस छेड़ दी है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्ती की मांग के बीच यह सवाल भी अहम है कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया को मजबूत करना कितना जरूरी है। किसी भी अपराध में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई पुलिस, जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही की जानी चाहिए।
खुर्दा महोत्सव का आयोजन दुर्गा पूजा के अवसर पर ईसराइन खुर्द पंचायत के खुर्दा करुवैली गांव में किया जा रहा है। 17 से 25 अक्टूबर तक चलने वाले इस महोत्सव में खेलकूद, मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भरपूर व्यवस्था की गई है। आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।
महोत्सव के कार्यक्रमों में 18 और 19 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। वहीं, 20 और 21 अक्टूबर को पहलवानों के बीच कुश्ती दंगल का आयोजन प्रस्तावित है। 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई के कलाकारों और भोजपुरी सितारों की प्रस्तुतियां दर्शकों का मनोरंजन करेंगी। मेले में राम झूला, मौत का कुआं और सर्कस जैसे आकर्षण भी लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं।
बढ़ती भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थल पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। मेला परिसर में जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है। पुलिसकर्मियों और मजिस्ट्रेटों की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई है। लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुफ्त स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया है, जहां आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
इससे पहले पूर्णिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी पप्पू यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों और विदेश नीति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश में हुए युवा आंदोलनों का जिक्र करते हुए भारत में विरोध प्रदर्शन करने वाले युवाओं के साथ होने वाले व्यवहार पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र में नागरिकों का अधिकार है और सरकार को युवाओं की मांगों तथा उनकी आवाज को गंभीरता से सुनना चाहिए।
सांसद ने सवाल उठाया कि यदि भारत अपने पड़ोसी देशों की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और वहां की नई व्यवस्थाओं के साथ कूटनीतिक संबंध बनाए रखता है, तो अपने देश में विरोध प्रदर्शन करने वाले युवाओं के प्रति इतनी सख्ती क्यों बरती जाती है? उन्होंने सरकार से लोकतांत्रिक अधिकारों और युवाओं की समस्याओं पर जवाब देने की मांग की।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए पप्पू यादव ने सुरक्षा बलों की तैनाती पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि युवा आंदोलनों को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी लगाए गए थे और इसके लिए एक लाख 68 हजार जवानों की तैनाती का आंकड़ा दिया। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने प्रदर्शन के दौरान कुछ युवतियों के साथ थाने में कथित बदसलूकी का आरोप भी लगाया। इसके अलावा, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोगों पर प्रदर्शनकारी युवतियों के कपड़े फाड़ने तथा उन्हें प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे मामलों में संबंधित पक्षों का जवाब और निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है।
पप्पू यादव ने सवाल किया कि अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज उठाना क्या अपराध है? उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामलों पर जवाब देने की मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद ने भाजपा की गठबंधन राजनीति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर भी निशाना साधा। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा। उनके बयानों में युवा आंदोलनों, लोकतांत्रिक अधिकारों और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
फिलहाल, खुर्दा महोत्सव के मंच से छेड़खानी करने वालों के खिलाफ दो लाख रुपये के इनाम का ऐलान सबसे ज्यादा चर्चा में है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश देने की कोशिश के बीच सांसद के बयान ने कानून, न्याय और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के तरीकों पर नई बहस शुरू कर दी है।
डिस्क्लेमर: खबर में शामिल आरोप और दावे संबंधित व्यक्ति के बयानों पर आधारित हैं। जहां स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है, वहां उसे स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया गया है।