देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कार्य में शिथिलता पाए जाने पर सीडीपीओ भाटपाररानी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए गए। वहीं रामपुर कारखाना के सीडीपीओ का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिए गए।

बैठक में रामपुर कारखाना एवं रुद्रपुर क्षेत्र के सुपरवाइजरों की कार्यशैली में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर उनके वेतन रोके जाने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या बहानेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगली बैठक में पोषण संबंधी गतिविधियों में सबसे कम प्रगति वाले पांच सुपरवाइजरों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र निर्धारित समय पर खुलें और वहां आने वाले बच्चों के लिए सभी गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हों। सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों का समय से चिन्हीकरण, गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच तथा होम विजिट प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने ई-कवच और पोषण ट्रैकर के आंकड़ों में समानता बनाए रखने के निर्देश दिए। सभी सुपरवाइजरों को डेथ ऑडिट रिपोर्ट की समीक्षा कर सामने आई कमियों को दूर करने के लिए जागरूकता एवं आवश्यक गतिविधियां संचालित करने को कहा गया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों, सीएचओ, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजरों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।

डीएम ने कहा कि वीएचएसएनडी सत्रों में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए और उन्हें फोलिक एसिड उपलब्ध कराया जाए। बच्चों का वजन, टीकाकरण सहित अन्य आवश्यक गतिविधियां भी निर्धारित सत्रों में तत्परता से पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु की रोकथाम के लिए सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पूरी सजगता एवं तत्परता से कार्य करें।

जिलाधिकारी ने सुपरवाइजरों को वास्तविक कार्यस्थल से ही लोकेशन दर्ज करने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रामक अथवा गलत लोकेशन दर्ज करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बाल विकास विभाग की योजनाओं को पारदर्शिता के साथ जमीनी स्तर तक पहुंचाने और पात्र लाभार्थियों को उनका लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एसके सिन्हा, जिला कार्यक्रम अधिकारी आदिश मिश्रा, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर पाण्डेय, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी प्रियंका चौधरी, सभी सीडीपीओ, सुपरवाइजर एवं खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।