
विहिप स्थापना दिवस पर हिंदू समाज की एकजुटता और सनातन संस्कृति की रक्षा का आह्वान
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) जिला देवरिया की ओर से स्थापना दिवस समारोह बुधवार को मनोकामना हनुमान मंदिर के पास स्थित मैरिज हॉल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी संजय केडिया ने की। समारोह देर रात तक चला। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में क्षेत्र गौ रक्षा प्रमुख प्रेम शंकर मौजूद रहे। उनके साथ प्रांत अध्यक्ष पुरुषोत्तम मरोदिया, प्रांत उपाध्यक्ष उपेंद्र शाही, प्रांत संगठन मंत्री दीपेश, प्रांत मंत्री नागेंद्र प्रताप और जिला अध्यक्ष अनिल जायसवाल मंच पर उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता प्रेम शंकर ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना 29 अगस्त 1964 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुंबई स्थित सांदीपनी साधनालय में संतों के आशीर्वाद से हुई थी। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस संगठन के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करने, समाज के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर विचार करने और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर जागरूकता बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने हिंदू समाज में एकता और सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि जाति, वर्ग और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर समाज को एकजुट करने की आवश्यकता है। उन्होंने वंचित एवं पिछड़े वर्गों को साथ लेकर चलने को सामाजिक दायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। कार्यक्रम में धर्मांतरण को लेकर ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने, युवाओं को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने तथा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति समाज को सजग करने जैसे विषयों पर भी विचार रखे गए। वक्ताओं ने सेवा कार्यों को विस्तार देने पर जोर देते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और संस्कार केंद्रों के माध्यम से समाजहित में गतिविधियां बढ़ाने की बात कही। गौ-रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के विषय पर भी विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने सनातन परंपरा में गाय, गंगा और प्रकृति के महत्व को रेखांकित करते हुए परिवारों से पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने और गौ-संवर्धन में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन प्रांत सह मंत्री राम सिंह ने किया। समापन अवसर पर कार्यक्रम अध्यक्ष संजय केडिया ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दीं। समारोह में बंशराज पाण्डेय, वीरेंद्र , तारकेश्वर शाही, नंदकिशोर सिंह, भागवत यादव, सुमन तिवारी, पूनम मिश्रा, संध्या श्रीवास्तव, सीमा जायसवाल, दीपू जायसवाल, डॉ. एस.के. अग्रवाल, भरत अग्रवाल, जय शिव मिश्र, धनेश प्रजापति, उपेंद्रनाथ त्रिपाठी, डॉ. निर्भय शाही, नागेंद्र सिंह, श्रीनिवास सिंह, मनोज कुशवाहा, बैकुंठ नाथ कुशवाहा, अवध किशोर त्रिपाठी, अशोक कुमार सिंह, शेषनाथ मिश्रा, आनंद अग्रवाल, गिरधारी लाल अग्रवाल, अशोक कुशवाहा, वीरेंद्र कुशवाहा, अभिमन्यु सिंह, विजय प्रताप सिंह, पवन जायसवाल, बाबूराम सिंह, डॉ. अवध नारायण सिंह, रविंद्र सिंह, बलवंत सिंह, रामानंद सिंह, सतीश उपाध्याय, राधेश्याम चौबे, विकास मिश्रा, डॉ. आरपी शाही, शीतल, व्यास शर्मा, संजय कुमार पोद्दार, राहुल मणि, कामेश्वर सिंह,रामपुरुष बरनवाल, मन्नू तिवारी, नीलम सिंह, कृपा निधान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं विचार परिवार के लोग मौजूद रहे।
