ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार, बोले- पुलिस चौकी हटाकर समिति को लौटाई जाए भूमि। सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया ने भी सुनी किसानों की पीड़ा, समाधान का दिलाया भरोसा
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर तहसील क्षेत्र के बागापार चौराहे पर स्थित साधन सहकारी समिति की भूमि का विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों और किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पुलिस चौकी के लिए उपयोग की जा रही समिति की भूमि वापस दिलाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि तत्कालीन जिलाधिकारी ने वर्ष 2023 में ही समिति की भूमि से पुलिस चौकी का नाम निरस्त कर दूसरी जगह भूमि आवंटित करने का आदेश दिया था, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी आदेश का पालन नहीं हुआ।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे पूर्व प्रधान रामराज चौरसिया के नेतृत्व में ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों से संबंधित प्रार्थना पत्र सौंपा। इस दौरान सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया भी डीएम कार्यालय में मौजूद रहे। विधायक ने ग्रामीणों की पूरी बात गंभीरता से सुनी और मामले के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत बागापार की आराजी संख्या-1942, रकबा 0.089 हेक्टेयर पर करीब चार दशक से साधन सहकारी समिति संचालित है। इसी समिति के माध्यम से बागापार न्याय पंचायत के लगभग दस गांवों के किसानों को खाद, बीज सहित कृषि संबंधी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाती रही है। धान और गेहूं की सरकारी खरीद भी वर्षों से इसी केंद्र के माध्यम से होती रही है।
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2023 में खाद गोदाम परिसर में पुलिस चौकी निर्माण का बोर्ड लगाए जाने के बाद उन्हें जानकारी मिली कि 06 दिसंबर 2020 को तत्कालीन ग्राम प्रधान की ओर से पुलिस चौकी निर्माण के पक्ष में प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसके आधार पर खतौनी में भी पुलिस चौकी का नाम दर्ज कर दिया गया। बाद में समिति की कुल भूमि में से 0.032 हेक्टेयर हिस्से पर पुलिस चौकी का निर्माण करा दिया गया।
पूर्व प्रधान रामराज चौरसिया ने कहा कि समिति परिसर में पुलिस चौकी स्थापित होने के बाद खाद- बीज वितरण और धान-गेहूं की सरकारी खरीद जैसी महत्वपूर्ण कृषि सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। इससे न्याय पंचायत बागापार के हजारों किसानों को कृषि कार्यों के दौरान अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने 19 अक्टूबर 2023 को तत्कालीन जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया था। जांच के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी ने सदर एसडीएम को आदेश दिया था कि समिति की आराजी संख्या-1942 से पुलिस चौकी का नाम निरस्त कर पुनः साधन सहकारी समिति बागापार का नाम दर्ज किया जाए तथा ग्राम सभा की अन्य उपयुक्त भूमि पर पुलिस चौकी के लिए जमीन आवंटित कर निर्माण कराया जाए। इसके बावजूद आज तक आदेश का अनुपालन नहीं हो सका।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सहकारी समिति पुनः पूर्ण रूप से संचालित नहीं हुई तो क्षेत्र के किसानों को खाद, बीज और सरकारी खरीद जैसी सुविधाओं के लिए दूर-दराज के केंद्रों पर निर्भर होना पड़ेगा। उन्होंने जिलाधिकारी से तत्काल प्रभाव से पूर्व आदेश का अनुपालन कराते हुए समिति की भूमि को मुक्त कराने और अभिलेखों में साधन सहकारी समिति का नाम पुनः दर्ज कराने की मांग की है।
