बलिया(राष्ट्र क़ी परम्परा )
देश के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रखर समाजवादी चिंतक एवं ‘भारत यात्री’ के नाम से विख्यात चंद्र शेखर की 19वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को बलिया स्थित पंडित दीनदयाल चबूतरा पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों एवं गणमान्य नागरिकों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण किया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए युवा समाजसेवी एवं भाजपा नेता अनूप सिंह ने कहा कि स्व. चंद्रशेखर का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित, जनसेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर ने अपने सिद्धांतों और निर्भीक विचारों से भारतीय राजनीति को नई दिशा देने का कार्य किया। उनकी सादगी, स्पष्टवादिता और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। वक्ताओं ने कहा कि चंद्रशेखर केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि भारतीय संसदीय परंपराओं के सजग प्रहरी और सिद्धांतवादी व्यक्तित्व के प्रतीक थे। उन्होंने अपने ऐतिहासिक भारत भ्रमण के माध्यम से गांव-गरीब, किसान और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की समस्याओं को करीब से समझा और उनकी आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया। उनके विचार आज भी समाज और राजनीति को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि वर्तमान समय में चंद्रशेखर के आदर्शों और मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता पहले से अधिक है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने स्व. चंद्रशेखर के बताए मार्ग पर चलने तथा राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के कार्यों में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से संजय सिंह, संजय राय, विनोद तिवारी, सत्य प्रकाश सिंह, रंजीत सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह, अमित सिंह, ओम नारायण चौबे, दिग्विजय सिंह, सोनू सिंह, बबलू सिंह, गुड्डू तिवारी, देवव्रत दुबे, पंकज राय, पवन राय, पियूष चौबे, अंकित ठाकुर, अभिषेक यादव, अंकित तिवारी, अंकित बाबू, दिनेश राय, भोला सिंह, मुन्नू सिंह, अमित राय, मृत्युंजय तिवारी, धनंजय सिंह, प्रमेन्द्र सिंह, वीरन सिंह, बबलू बाबा सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समाजसेवी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि सभा का समापन दो मिनट का मौन रखकर किया गया।
