बलिया (राष्ट्र क़ी परम्परा )
मौसम में सुधार और गर्मी से राहत मिलने के बाद जनपद के सभी परिषदीय एवं निजी विद्यालय अब अपने नियमित समय पर संचालित होंगे। जिलाधिकारी के निर्देश तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश के क्रम में कक्षा 1 से 8 तक संचालित सभी परिषदीय, सीबीएसई, आईसीएसई, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, मदरसा एवं अन्य बोर्ड के विद्यालयों में 9 जुलाई से प्रातः 8 बजे से अपराह्न 2 बजे तक पठन-पाठन कराया जाएगा। इस संबंध में सभी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि शासन द्वारा वर्ष 2020 में जारी “टाइम एंड मोशन स्टडी” के दिशा-निर्देशों के अनुसार विद्यालयों का संचालन किया जाएगा। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सुबह 8 बजे से 8:15 बजे तक प्रार्थना सभा एवं योगाभ्यास कराया जाएगा। इसके बाद निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार नियमित शिक्षण कार्य होगा। वहीं मध्यावकाश सुबह 10:30 बजे से 11 बजे तक रहेगा।
बीएसए ने स्पष्ट किया कि सभी शिक्षक विद्यालय प्रारंभ होने से 15 मिनट पूर्व अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे तथा विद्यालय की छुट्टी के बाद कम से कम 30 मिनट तक विद्यालय में रहेंगे, ताकि शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें। विद्यालयों में कक्षावार एवं विषयवार समय-सारिणी का पालन अनिवार्य होगा तथा प्रत्येक शिक्षण कालांश 40 मिनट का निर्धारित किया गया है। आदेश के अनुसार भाषा, गणित, विज्ञान एवं अंग्रेजी जैसे प्रमुख विषयों की नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही छात्रों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल संसाधनों, स्मार्ट क्लास एवं अन्य आधुनिक शिक्षण माध्यमों के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। जिले के 2669 परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ सभी निजी विद्यालयों को भी नए समय का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि समय-सारिणी के अनुरूप शिक्षण कार्य संचालित करें और विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का प्रयास करें। खंड शिक्षा अधिकारी नवानगर पंकज कुमार सिंह ने बताया कि सभी प्रधानाध्यापकों एवं विद्यालय प्रबंधनों को आदेश से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई से सभी विद्यालय निर्धारित समय पर ही संचालित होंगे। यदि किसी विद्यालय द्वारा आदेश की अवहेलना की जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण कर आदेश के अनुपालन की निगरानी भी की जाएगी।
शिक्षा विभाग के इस निर्णय से अभिभावकों, छात्रों एवं शिक्षकों को भी सुविधा मिलेगी तथा नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
