लुम्बिनी (नेपाल) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में उत्कृष्ट शोध एवं शैक्षणिक योगदान के लिए मिला सम्मान
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग में कार्यरत सहायक आचार्य डॉ. दीपक कुमार गुप्ता को उनकी उत्कृष्ट शोध-प्रतिबद्धता, मौलिक चिंतन तथा शिक्षा जगत में उल्लेखनीय योगदान के लिए “अंतरराष्ट्रीय अन्वेषक गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान 15 एवं 16 जून को नेपाल के लुम्बिनी में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान प्रदान किया गया। संगोष्ठी का आयोजन लुंबिनी बुद्धिस्ट यूनिवर्सिटी, लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल पीजी कॉलेज तथा कालिंदी प्रकाशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।
संगोष्ठी का विषय “शिक्षा, साहित्य, समाज और संस्कृति का वैश्विक विमर्श : चुनौतियाँ, अवसर एवं संभावनाएँ” रहा, जिसमें देश-विदेश के अनेक शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विद्वानों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर डॉ. दीपक कुमार गुप्ता ने “Exploring the Role of Literature in Global Development” विषय पर अपना शोध-पत्र प्रस्तुत किया। अपने शोध में उन्होंने वैश्विक विकास की प्रक्रिया में साहित्य की भूमिका, सामाजिक चेतना के निर्माण, सांस्कृतिक संवाद तथा मानवीय मूल्यों के संवर्धन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. गुप्ता के शोध-पत्र को संगोष्ठी में उपस्थित विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों द्वारा सराहा गया। उनके इस सम्मान से गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं शैक्षणिक जगत में खुशी का माहौल है।
