भुवना–कप्तानगंज मार्ग चौड़ीकरण कार्य में नियमों की अनदेखी का आरोप, वन विभाग ने शुरू की विधिक कार्रवाई
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। भुवना– कप्तानगंज मार्ग पर चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान सरकारी वृक्षों को बिना सक्षम अनुमति उखाड़े जाने के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग की पकड़ी रेंज की टीम ने मौके पर पहुंच कर वृक्ष उखाड़ने में प्रयुक्त जेसीबी मशीन को कब्जे में ले लिया है। मामले में संबंधित पक्षों के खिलाफ विधिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा भुवना–कप्तानगंज मार्ग का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। आरोप है कि कार्य के दौरान सड़क किनारे स्थित शासकीय वृक्षों को हटाने के लिए आवश्यक विभागीय अनुमति और वन विभाग की स्वीकृति प्राप्त किए बिना जेसीबी मशीन से जड़ समेत उखाड़ा जा रहा था। इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग सक्रिय हुआ और तत्काल जांच के लिए टीम मौके पर भेजी गई।
घुघली सेक्शन प्रभारी गौरव त्रिपाठी ने स्थल का निरीक्षण किया। जांच में कई वृक्षों के जड़ समेत उखाड़े जाने की पुष्टि हुई। प्रारंभिक पड़ताल में यह भी सामने आया कि वृक्षों को हटाने से पहले न तो वन विभाग द्वारा आगणन कराया गया था और न ही सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक अनुमति ली गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन क्षेत्राधिकारी पकड़ी रेंज सुशांत मणि त्रिपाठी के निर्देशन में वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीन को जब्त कर लिया। मशीन को रेंज परिसर में सुरक्षित खड़ा कराया गया है। साथ ही वन एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित प्रावधानों के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसी भी विकास परियोजना के तहत वृक्षों के कटान, स्थानांतरण अथवा हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति, वन विभागीय आगणन तथा अन्य औपचारिकताओं को पूरा करना आवश्यक होता है। नियमों की अनदेखी कर वृक्षों को हटाना पर्यावरण संरक्षण संबंधी कानूनों का उल्लंघन है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण और हरित संपदा की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों, एजेंसियों अथवा संबंधित जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
