देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। तहसील सलेमपुर क्षेत्र के ग्राम सरकंडा में भूमि विवाद का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता चंद्रमा कुशवाहा ने अपनी पैतृक एवं गोदनामा संबंधी भूमि में कथित रूप से फर्जी तरीके से नाम दर्ज कराने और संपत्ति हड़पने के प्रयास का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी देवरिया से शिकायत की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
गोदनामा आधारित अधिकार का दावा
शिकायतकर्ता चंद्रमा कुशवाहा का कहना है कि उनका विधिवत गोदनामा हुआ था, जिसके आधार पर उन्हें गोद लेने वाले परिवार की संपत्ति में वैधानिक अधिकार प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके सगे भाई ने, जो अपने जन्मदाता पिता की संपत्ति में पहले ही हिस्सा प्राप्त कर चुके हैं, ग्राम सरकंडा स्थित भूमि में गलत तरीके से अपना नाम दर्ज करा लिया है।
प्रभाव का दुरुपयोग करने का आरोप
शिकायत में दावा किया गया है कि संबंधित व्यक्ति न्यायालय से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और अपने प्रभाव का उपयोग कर राजस्व अभिलेखों में कथित रूप से हेरफेर कराने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे उनके वैधानिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
भूमि हस्तांतरण और मुआवजे को लेकर भी उठाए सवाल
प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिकायतकर्ता के नाबालिग रहने के दौरान उनकी माता से कथित रूप से धोखे से भूमि का हिस्सा हस्तांतरित करा लिया गया था। बाद में उसी भूमि से संबंधित परियोजना के तहत लाखों रुपये का मुआवजा प्राप्त किया गया। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
धमकी देने का भी आरोप
चंद्रमा कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें और उनके परिवार को कथित रूप से धमकियां दी जा रही हैं तथा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी की है।
जांच के आदेश जारी
जिलाधिकारी देवरिया ने मामले की जांच उपजिलाधिकारी सलेमपुर को सौंप दी है। जांच के दौरान गोदनामा, खतौनी, खसरा, वंशावली और अन्य संबंधित राजस्व अभिलेखों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
