Sunday, May 3, 2026
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लुटेरी दुल्हन गिरोह का पर्दाफाश: फर्जी दुल्हन बनाकर लूटता था गिरोह, चार महिलाएं गिरफ्तार

अविवाहित बताकर रचाई जा रही थी नकली शादी: ₹1 लाख से अधिक की ठगी के बाद मार-पीट, 24 घंटे में पुलिस ने किया पर्दाफाश, मुख्य आरोपी फरार

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के थाना सिंदुरिया क्षेत्र में शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गिरोह की चार महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से ₹39,500 नगद, एक जोड़ी पायल और एक मंगल सूत्र बरामद किया गया है, जबकि गिरोह का मुख्य आरोपी जितेन्द्र अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
यह कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। थाना सिंदुरिया के थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह व उपनिरीक्षक मिथलेश कुमार की टीम ने 3 मई 2026 को चिंउटहा बाजार के पास से चारों आरोपियों—लालती, सुमित्रा, काजल और अंजलिका—को गिरफ्तार किया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़े ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
घटना की शुरुआत 2 मई 2026 को हुई, जब एटा जनपद निवासी रंजीत चौहान ने थाना सिंदुरिया में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि चार महिलाओं और एक व्यक्ति जितेन्द्र ने मिलकर उसे शादी कराने का झांसा दिया। आरोपियों ने अंजलिका को ‘पूजा’ नाम से अविवाहित बताकर विवाह तय कराया, जबकि वह पहले से विवाहित और एक बच्चे की मां है। योजना के तहत पीड़ित को थाना क्षेत्र के एक मंदिर के पास बुलाया गया, जहां शादी की रस्में कराई जाने लगीं। इसी दौरान आरोपियों ने खाने-पीने के नाम पर ₹10,000, शादी कराने के नाम पर ₹90,000 और करीब ₹26,000 मूल्य के आभूषण धोखे से ले लिए। जब पीड़ित को शक हुआ तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उसके और उसके परिजनों के साथ मार- पीट शुरू कर दी, जिससे कई लोग घायल हो गए।
घटना के दौरान मुख्य आरोपी जितेन्द्र अंजलिका को लेकर मौके से फरार हो गया, जबकि अन्य महिलाएं भी जान- माल की धमकी देते हुए भाग निकलीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और महज 24 घंटे के भीतर चारों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया।
पूछ-ताछ में खुलासा हुआ कि सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं और योजनाबद्ध तरीके से लोगों को शादी के नाम पर ठगते थे। गिरोह में प्रत्येक सदस्य की अलग-अलग भूमिका थी—कोई दुल्हन बनता, कोई परिवार का सदस्य बनकर भरोसा दिलाता और कोई पूरी साजिश को अंजाम देता।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह की एक सदस्य के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिससे इनके संगठित अपराध में लिप्त होने की पुष्टि होती है। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर मुकदमे में अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ दी हैं।फिलहाल पुलिस फरार आरोपी जितेन्द्र की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस की सतर्कता और तेजी से की गई कार्रवाई ने एक संगठित ठगी गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। यह घटना समाज को सतर्क रहने का संदेश देती है कि शादी जैसे संवेदनशील मामलों में भी पूरी जांच-पड़ताल करना आवश्यक है।

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