नियमितीकरण और सीएम की घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर बना दबाव, मंत्री ने दिया शीघ्र समाधान का भरोसा
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के ग्राम रोजगार सेवकों की लंबित समस्याओं को लेकर सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को एक अहम पहल सामने आई, जब उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष/ जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद के नेतृत्व में ग्राम रोजगार सेवकों एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भारत सरकार एवं सांसद पंकज चौधरी से उनके आवास पर मिला। इस दौरान ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी समस्याओं को मजबूती के साथ रखते हुए सरकार से त्वरित समाधान की मांग की।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सबसे प्रमुख मुद्दा 8 माह से लंबित मानदेय भुगतान का उठाया। रोजगार सेवकों ने बताया कि लगातार कार्य करने के बावजूद उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा और दैनिक जरूरतों को पूरा करना कठिन हो गया है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इसके साथ ही 04 अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम रोजगार सेवकों के हित में की गई घोषणाओं को अब तक लागू न किए जाने का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इतने लंबे समय के बाद भी इन घोषणाओं का धरातल पर क्रियान्वयन न होना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने मांग की कि इन घोषणाओं को बिना किसी देरी के लागू किया जाए तथा ग्राम रोजगार सेवकों के नियमितीकरण का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मियों को स्थायी दर्जा मिलना चाहिए, जिससे उन्हें सामाजिक सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मान मिल सके। उन्होंने कहा कि अस्थायी स्थिति में काम करना उनके भविष्य के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
इन सभी मुद्दों पर केंद्रीय मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि 05 अप्रैल को सौंपा गया ज्ञापन शासन को भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि मामला वित्तीय और नीतिगत होने के कारण प्रक्रिया में कुछ समय लग रहा है, लेकिन सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री स्तर पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे को पार्टी स्तर पर भी मजबूती से उठाएंगे, ताकि समाधान में तेजी लाई जा सके। उनके इस आश्वासन से ग्राम रोजगार सेवकों में उम्मीद जगी है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में जिला महासचिव इंद्रमणि विश्वकर्मा, घनश्याम कन्नौजिया, इंद्र विजय यादव, संतोष गुप्ता, सर्वेश कुमार मद्धेशिया, धर्मेंद्र पासवान, अनिल कुमार, अंजनी कुमार एवं दयानंद पटेल सहित कई अन्य रोजगार सेवक उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।
