देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में अभियोजन कार्यों एवं कानून व्यवस्था की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में लंबित वादों के निस्तारण, अपराध नियंत्रण और अभियोजन की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अपर निदेशक अभियोजन ने जानकारी दी कि अधीनस्थ न्यायालयों में भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत 157 वादों का निस्तारण हुआ, जिनमें 77 में सजा, 16 में रिहाई और 33 मामलों में सुलह हुई। अन्य अधिनियमों के तहत 253 मामलों का निस्तारण हुआ, जिनमें 250 में सजा दी गई। सत्र न्यायालय में भी विभिन्न मामलों में निस्तारण और सजा के आंकड़े प्रस्तुत किए गए, जिनमें एससी-एसटी एक्ट और अन्य गंभीर मामलों में सजा सुनिश्चित की गई।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों, खासकर पॉक्सो एक्ट के मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि न्यायालय में गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, जिससे मुकदमों का शीघ्र निस्तारण हो सके।
बैठक में माफिया और शातिर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी पैरवी करने, पुलिस और अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा साक्ष्यों के आधार पर मजबूत केस तैयार करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी अपराधी को साक्ष्यों के अभाव में छूटने नहीं दिया जाएगा।
कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस विभाग को सतर्क और सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए। जनपद में सक्रिय अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई जारी रखने, अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी और गोवंश के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए गश्त बढ़ाने को कहा गया। साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने और अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में कानून का राज स्थापित करना प्रशासन की प्राथमिकता है और कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
