Friday, May 1, 2026
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फीस मनमानी पर सख्ती: अब 5 साल का हिसाब देना होगा, अभिभावकों को मिलेगी राहत

विद्यालयों में फीस पारदर्शिता को लेकर सख्त निर्देश, त्रिसदस्यीय समिति करेगी जांच

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में विद्यालयों में पारदर्शिता, शिक्षा की गुणवत्ता और अभिभावकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में निजी विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में फीस नियमन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद के सभी वित्तविहीन प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 एवं संशोधित अधिनियम 2020 का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने पांच वर्षों के शुल्क विवरण, ड्रेस और पुस्तकों की जांच के लिए त्रिसदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए। इस समिति में नायब तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी तथा राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य शामिल होंगे, जो जांच रिपोर्ट सीधे जिलाधिकारी को सौंपेंगे।बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी विद्यालय अपनी वेबसाइट और सूचना पट्ट पर पिछले पांच वर्षों का फीस विवरण, ड्रेस और पुस्तकों की जानकारी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी विद्यालय ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक + 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, तो जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लिया जाएगा और अतिरिक्त शुल्क को समायोजित कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने गणवेश के संबंध में भी सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि किसी भी विद्यालय में पांच लगातार शैक्षणिक वर्षों के भीतर यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं किया जाएगा। साथ ही विद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे किसी एक दुकान से किताब, कॉपी, स्टेशनरी या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य न करें और न ही स्वयं इन वस्तुओं का विक्रय करें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल मान्यता प्राप्त पुस्तकों का ही संचालन किया जाए और जिन सुविधाओं का विद्यालय में संचालन नहीं हो रहा है, उनके नाम पर किसी भी प्रकार का शुल्क अभिभावकों से न वसूला जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और अभिभावकों का विश्वास मजबूत हो।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक पी.के. शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऋद्धि पांडेय, एआरटीओ मनोज सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।

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