गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कायस्थ विकास परिषद ने 1 अप्रैल 2026 (बुधवार) को भगवान चित्रगुप्त की भव्य शोभायात्रा निकालने की घोषणा की। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष वैद्य राजीव सिन्हा ने बताया कि यह शोभायात्रा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जाएगी।
“कायस्थ जाति नहीं, ब्रह्मकुल है”
राजीव सिन्हा ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त समस्त सृष्टि के न्याय के देवता हैं और उन्हें किसी एक जाति तक सीमित करना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “कायस्थ कोई जाति नहीं, बल्कि ब्रह्मकुल है। ईश्वर सभी के होते हैं।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो व्यक्ति कलम को आत्मसात करता है, वह भगवान चित्रगुप्त का वंशज माना जा सकता है।
चैत्र पूर्णिमा और चित्रगुप्त प्रकटोत्सव
उन्होंने बताया कि चैत्र पूर्णिमा के दिन भगवान चित्रगुप्त का प्रकटोत्सव मनाया जाता है और इसी कालखंड को नववर्ष के शुभारंभ का आधार भी माना जाता है। भगवान चित्रगुप्त को न्याय के साथ-साथ धन के देवता के रूप में भी पूजा जाता है। परिषद “हर घर चित्रगुप्त, हर घर कलम-दवात” का संदेश समाज में फैलाने का कार्य कर रही है।
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न्यायालयों में मूर्ति स्थापना का संकल्प
राजीव सिन्हा ने कहा कि परिषद देश के प्रत्येक न्यायालय में भगवान चित्रगुप्त की मूर्ति स्थापित कराने के लिए संकल्पित है, ताकि न्याय व्यवस्था में उनकी उपस्थिति का प्रतीकात्मक महत्व स्थापित हो सके।
ये रहेगा शोभायात्रा का मार्ग
शोभायात्रा परिषद के केंद्रीय कार्यालय (होटल बाबीना के सामने, नियामतचक) से शुरू होकर तरंग चौक, आर्य नगर, हजारीपुर और जटाशंकर होते हुए पुनः केंद्रीय कार्यालय पर समाप्त होगी। समापन पर आरती और महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में रहे मौजूद
इस अवसर पर परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिप्तिमान श्रीवास्तव, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार, जिला सचिव दिनेश श्रीवास्तव सहित कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
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