महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। टेट (TET) अनिवार्यता के विरोध में गुरुवार को जिले में शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय परिसर में विशाल धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विकास खंडों से पहुंचे हजारों शिक्षकों ने भाग लिया।
निर्णय वापस लेने की मांग तेज
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी, डॉ. त्रिभुवन नारायण गोपाल, मंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्र और उपेन्द्र पाण्डेय ने किया। वक्ताओं ने टेट अनिवार्यता को शिक्षकों के लिए अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के तीन से चार लाख शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने शिक्षकों से लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।

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शिक्षा व्यवस्था में अस्थिरता का आरोप
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बार-बार नियमों में बदलाव से शिक्षा व्यवस्था में अस्थिरता पैदा हो रही है। विजय प्रताप पाण्डेय ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में लगातार नए प्रयोग लागू किए जा रहे हैं, जिससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है।
हिसामुद्दीन अंसारी, दिनेश यादव, राघवेन्द्र पाण्डेय, मनोज वर्मा, अखिलेश पाठक और दिनेश कुमार सिंह सहित कई वक्ताओं ने शिक्षकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। दिनेश मणि त्रिपाठी ने टेट अनिवार्यता के विरोध में स्वरचित कविता प्रस्तुत कर आंदोलन को भावनात्मक स्वर दिया।
ज्ञापन सौंपा गया
कार्यक्रम के अंत में जिला मंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्र ने ज्ञापन पढ़कर सुनाया। प्रतिनिधिमंडल ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धि पाण्डेय को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसे जिलाधिकारी के माध्यम से अग्रेषित करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
धरना-प्रदर्शन का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। शिक्षकों ने एक स्वर में टेट अनिवार्यता वापस लेने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
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