मऊ (राष्ट्र की परम्परा)सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय में आयोजित परिवहन मेला के दौरान एकमुश्त कर जमा योजना को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी सुहेल अहमद ने जनपद की ऑटो रिक्शा यूनियन, ट्रक यूनियन एवं बस यूनियन के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर योजना की विशेषताओं और लाभों की जानकारी दी। उन्होंने वाहन स्वामियों से अपील की कि वे एकमुश्त कर जमा योजना का लाभ उठाते हुए अपना बकाया कर एकबारीय जमा करें और भविष्य की जटिलताओं से बचें।
वाहन स्वामियों को दी गई विस्तृत जानकारी
बैठक में बताया गया कि शासन द्वारा लागू एकमुश्त कर जमा योजना के अंतर्गत विभिन्न श्रेणी के व्यवसायिक वाहनों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। इसका उद्देश्य कर प्रणाली को सरल बनाना और वाहन स्वामियों को राहत प्रदान करना है।
अधिकारी ने बताया कि भाड़े या पारिश्रमिक पर संचालित दो पहिया मोटरसाइकिल पर वाहन मूल्य का 12 प्रतिशत कर निर्धारित है। तिपहिया मोटर कैब पर 7 प्रतिशत कर देय होगा। वहीं 10 लाख रुपये तक की कीमत वाली मोटर कैब/मैक्सी कैब पर 10 प्रतिशत तथा 10 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली मोटर कैब/मैक्सी कैब पर 12 प्रतिशत कर निर्धारित किया गया है।
इसी प्रकार निर्माण उपस्कर या विशेष प्रयोजन यान पर 6 प्रतिशत कर निर्धारित किया गया है। 3000 किलोग्राम तक के सकल भार वाले माल वाहनों पर 3 प्रतिशत तथा 3000 किलोग्राम से 7500 किलोग्राम तक के माल वाहनों पर 6 प्रतिशत कर देय होगा।
इन दरों के माध्यम से एकमुश्त कर जमा योजना के अंतर्गत वाहन स्वामियों को एक ही बार में कर भुगतान कर दीर्घकालिक राहत प्राप्त करने का अवसर दिया जा रहा है।
कर भुगतान में सरलता और पारदर्शिता
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि एकमुश्त कर जमा योजना का मुख्य उद्देश्य कर भुगतान प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है। नियमित किस्तों या लंबित बकाये की जटिलताओं से बचते हुए वाहन स्वामी एकमुश्त कर जमा कर अपने वाहन संचालन को सुचारु रूप से जारी रख सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि समय पर कर भुगतान न करने पर वाहन स्वामियों को दंडात्मक कार्रवाई, जुर्माना अथवा अन्य प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में एकमुश्त कर जमा योजना उनके लिए एक सुनहरा अवसर है।
यूनियन पदाधिकारियों ने जताई सहमति
ऑटो, ट्रक और बस यूनियन के पदाधिकारियों ने बैठक में भाग लेते हुए योजना के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे अपने-अपने यूनियन सदस्यों को एकमुश्त कर जमा योजना की जानकारी देंगे और अधिक से अधिक वाहन स्वामियों को इस योजना से जोड़ने का प्रयास करेंगे।
यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि यह योजना न केवल कर भुगतान को सरल बनाती है बल्कि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक परेशानी से भी बचाती है।
परिवहन मेला का उद्देश्य
परिवहन मेला का आयोजन केवल कर वसूली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे जागरूकता और संवाद का मंच बनाया गया। अधिकारी और कर्मचारियों ने वाहन स्वामियों की समस्याओं को भी सुना तथा समाधान का आश्वासन दिया।
एकमुश्त कर जमा योजना के प्रचार-प्रसार के माध्यम से विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि अधिक से अधिक वाहन स्वामी स्वेच्छा से कर जमा करें और शासन की राजस्व प्रणाली को मजबूत बनाएं।
राजस्व वृद्धि और विकास में योगदान
विशेषज्ञों का मानना है कि एकमुश्त कर जमा योजना से न केवल वाहन स्वामियों को लाभ होगा, बल्कि राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी। कर संग्रहण में पारदर्शिता आने से विकास योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे।
परिवहन विभाग द्वारा आयोजित ऐसे मेलों से प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास भी बढ़ता है। यह पहल सरकार की कर सुधार नीति के अनुरूप मानी जा रही है।
बकाया कर से मुक्ति का अवसर
कई वाहन स्वामी ऐसे हैं जिनका कर लंबे समय से बकाया है। ऐसे में एकमुश्त कर जमा योजना उन्हें एक अवसर प्रदान करती है कि वे एक ही बार में कर जमा कर अपने रिकॉर्ड को अपडेट करा लें। इससे वाहन का पंजीकरण, फिटनेस, परमिट आदि कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
कार्यालय के कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी
इस कार्यक्रम में सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय के सभी कर्मचारीगण उपस्थित रहे। उन्होंने वाहन स्वामियों को फार्म भरने, दरों की जानकारी देने और प्रक्रिया समझाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में पुनः अपील की गई कि सभी पात्र वाहन स्वामी एकमुश्त कर जमा योजना का लाभ अवश्य उठाएं और समय रहते अपना कर जमा करें।
