Saturday, February 21, 2026
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पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों को स्वरोजगार व डिजिटल सशक्तिकरण की दी गई जानकारी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। आकांक्षी विकास खंड बघौली में पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को पीएम विश्वकर्मा योजना तथा विभिन्न एमएसएमई योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें स्वरोजगार, डिजिटल लेन-देन, विपणन और वित्तीय सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सहायक निदेशक, एमएसएमई-विकास कार्यालय, प्रयागराज संजय कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। एस.के. गंगल, एमएसएमई-डीएफओ, प्रयागराज ने योजना के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए इसके उद्देश्य और मंशा पर प्रकाश डाला।
डोमेन एक्सपर्ट शिवशंकर एवं विवेकानंद वर्मा ने लाभार्थियों को योजना का अधिकतम लाभ लेने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए प्रेरित किया। खंड विकास अधिकारी बघौली अर्जित प्रकाश ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए लाभार्थियों को योजनाओं से जुड़ने का आह्वान किया।
अध्यक्षीय संबोधन में एल.बी.एस. यादव, निदेशक, एमएसएमई-विकास कार्यालय, प्रयागराज ने कहा कि पारंपरिक कारीगरों का कौशल देश की अमूल्य धरोहर है, जिसे आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यम से वैश्विक बाजार से जोड़ना आवश्यक है। उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा ने राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी, जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर पवन कुमार सिन्हा ने बैंकिंग प्रक्रियाओं, डिजिटल साक्षरता और ऋण प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी।
तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने ऑनलाइन विक्रय, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर सौरभ श्रीवास्तव, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु ने ब्रांड पहचान विकसित करने पर जोर दिया। एन.के. पांडेय, सीनियर मैनेजर, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक ने डिजिटल भुगतान और क्यूआर कोड से भुगतान प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई।
कार्यक्रम में लगभग 130 लाभार्थियों, कारीगरों और उद्यमियों ने सहभागिता की। 40 पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों को इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक द्वारा निशुल्क क्यूआर कोड उपलब्ध कराए गए। साथ ही कुछ लाभार्थियों को ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म मीशो पर विक्रेता के रूप में ऑनबोर्ड भी किया गया। अंत में वैभव खरे, सहायक निदेशक ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

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