Wednesday, February 18, 2026
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त्योहारों से पहले प्रशासन सख्त, कुशीनगर में शांति समिति बैठक में जारी हुए दिशा-निर्देश

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)आगामी धार्मिक और सांस्कृतिक पर्वों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जनपद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में कुशीनगर शांति समिति बैठक का आयोजन जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक केशव कुमार की उपस्थिति में किया गया। बैठक में प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी रमजान, होलिका दहन, होली, नवरात्रि और रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के दौरान कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और समाज में भाईचारा कायम रखना रहा। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी त्योहार परंपरागत तरीके से ही मनाए जाएं तथा किसी भी नई परंपरा या विवाद को जन्म देने वाली गतिविधि को सख्ती से रोका जाएगा।
त्योहारों में भाईचारा बनाए रखने की अपील
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कुशीनगर शांति समिति बैठक में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि त्योहार सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि के प्रतीक होते हैं। उन्होंने सभी समुदायों से आपसी भाईचारा बनाए रखते हुए त्योहारों को मनाने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्षों में जिन स्थानों पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई थी, वहां विशेष निगरानी रखी जाए।
उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें आवश्यक धाराओं में पाबंद किया जाए, जो पूर्व में विवादों में शामिल रहे हों। इसके अलावा प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को क्षेत्रीय स्तर पर सतर्क रहकर कार्य करने और आवश्यकता पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए।
होली और होलिका दहन को लेकर विशेष दिशा-निर्देश
बैठक में होली और होलिका दहन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि होली के दौरान किसी व्यक्ति पर जबरन रंग न लगाया जाए और शराब पीकर किसी भी प्रकार की अभद्रता को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरानी रंजिश के आधार पर विवाद उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुशीनगर शांति समिति बैठक में होलिका दहन स्थलों को लेकर उत्पन्न होने वाले विवादों को आपसी सहमति और शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन ने संबंधित विभागों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
जलापूर्ति और साफ-सफाई पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने होलिका दहन के दिन निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही रमजान के दौरान नमाज स्थलों पर साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था करने का निर्देश संबंधित विभागों को दिया गया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए।
डीजे और ध्वनि प्रदूषण पर निगरानी
बैठक में शोभायात्राओं और जुलूसों के दौरान डीजे की ध्वनि को लेकर भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि डीजे की आवाज न्यायालय द्वारा निर्धारित डेसीबल सीमा के भीतर ही रखी जाए। यदि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती
त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए परिवहन विभाग को विशेष निर्देश दिए गए। कुशीनगर शांति समिति बैठक में तय किया गया कि शहरी क्षेत्रों में भारी और ओवरलोड वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी। इसके साथ ही शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त चालान की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सोशल मीडिया अफवाहों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से सतर्क रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और ऐसी सामग्री को साझा करने से बचें।
उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया। पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि आयोजक समितियों को पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
पारंपरिक तरीके से होंगे जुलूस और आयोजन
कुशीनगर शांति समिति बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि होलिका दहन और शोभायात्राएं केवल पारंपरिक तरीके से ही आयोजित की जाएंगी। पुलिस कर्मियों को अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि नमाज केवल निर्धारित स्थलों पर ही पढ़ी जाएगी और सार्वजनिक मार्गों पर नमाज की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने मांगे सुझाव
बैठक के दौरान प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने पीस कमेटी के सदस्यों तथा समाज के प्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक, सभी उपजिलाधिकारी, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तथा विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कानून व्यवस्था बनाए रखने को प्रशासन प्रतिबद्ध
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रशासन त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क रहेगा। शरारती तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और आवश्यकतानुसार उन्हें पाबंद किया जाएगा।
प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि त्योहार सामाजिक सौहार्द और एकता का संदेश देते हैं, इसलिए सभी लोग मिल-जुलकर इन पर्वों को शांति और सद्भाव के साथ मनाएं।

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