बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न कक्षों में पहुंचकर अभिलेखों के रखरखाव, साफ-सफाई तथा आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। अचानक निरीक्षण से कर्मचारियों में हलचल देखी गई।
जिलाधिकारी ने आलमारियों में रखी फाइलों का बारीकी से अवलोकन करते हुए अभिलेखों को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और अनुशासन सर्वोपरि है। इसके बाद कंप्यूटरीकृत खतौनी कक्ष का निरीक्षण किया गया। यहां खतौनी की निर्धारित शुल्क व्यवस्था की जानकारी ली गई, जिसमें पांच प्रति के लिए 15 रुपये शुल्क निर्धारित है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि तय शुल्क से अधिक धनराशि लेने की शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम को निर्देशित किया गया कि खतौनी काउंटर पर स्पष्ट और बड़े अक्षरों में शुल्क संबंधी पोस्टर लगाया जाए। पोस्टर में उल्लेख हो कि पांच प्रति तक 15 रुपये तथा उससे अधिक प्रति होने पर एक रुपये प्रति कॉपी की दर से शुल्क लिया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और अनियमितताओं पर रोक लगे।
निरीक्षण के दौरान तहसील परिसर में बंद पड़ी पुरानी पानी की टंकी और आरओ प्लांट को शीघ्र मरम्मत कर चालू कराने के निर्देश दिए गए, ताकि कर्मचारियों और फरियादियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके। परिसर की खाली जमीन को पार्किंग स्थल के रूप में विकसित करने का भी निर्देश दिया गया, जिससे अव्यवस्था कम हो और आवागमन सुगम बने।
पुरानी तहसील भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए उसे कंडम घोषित करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों और कर्मचारियों को जनसुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करने की हिदायत दी गई।
इस अवसर पर एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी, तहसीलदार नीतिन कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। औचक निरीक्षण के बाद तहसील प्रशासन में सक्रियता बढ़ी है और आमजन को बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद जगी है।
