Tuesday, February 17, 2026
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय 22 फरवरी को देगा अनुसंधान उत्कृष्टता पुरस्कार

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। विश्वविद्यालय में अनुसंधान को नई दिशा और प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 22 फरवरी 2026 को अपराह्न 3 बजे बायोटेक्नोलॉजी विभाग में अनुसंधान उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर वर्ष 2025 के शोध प्रकाशनों और उपलब्धियों के आधार पर कुल 114 शोधकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा।

यह पहल कुलपति प्रो. पूनम टंडन के मार्गदर्शन में शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले अंतरराष्ट्रीय शोध प्रकाशनों को बढ़ावा देना है। चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से स्कोपस और वेब ऑफ साइंस में सूचीबद्ध जर्नल्स में प्रकाशित शोधपत्रों तथा उनकी क्वारटाइल रैंकिंग (Q1 से Q4) पर आधारित है। साथ ही पेटेंट (प्रकाशित या स्वीकृत), प्रकाशित पुस्तकें और स्वीकृत/संचालित शोध परियोजनाओं को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया है।

पुरस्कार पांच श्रेणियों—प्लेटिनम, डायमंड, गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज—में प्रदान किए जाएंगे। Q1 जर्नल में प्रकाशित शोध के लिए 11,000 रुपये, Q2 के लिए 7,000 रुपये, Q3 के लिए 5,000 रुपये तथा Q4 के लिए 3,000 रुपये प्रति प्रकाशन की नकद राशि दी जाएगी। यह राशि केवल प्रथम अथवा संबंधित लेखक को दी जाएगी, जिनकी संबद्धता विश्वविद्यालय से होगी। ब्रॉन्ज श्रेणी में Q1 से Q4 जर्नल्स में सह-लेखन के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त संकाय सदस्यों की समग्र शोध उपलब्धियों के आधार पर “उत्कृष्ट शोधकर्ता पुरस्कार” भी दिया जाएगा, जिसमें 21,000 रुपये की नकद राशि और विशेष मान्यता प्रमाण पत्र शामिल है।

शोध एवं विकास प्रकोष्ठ द्वारा 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक की शोध उपलब्धियों के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थीं, जिनकी विशेषज्ञ समिति द्वारा जांच पूरी कर ली गई है।

गौरतलब है कि इस पुरस्कार की शुरुआत पिछले वर्ष विश्वविद्यालय की हीरक जयंती के अवसर पर की गई थी। पिछले वर्ष विभिन्न विभागों के 66 शोधकर्ताओं को सम्मानित किया गया था, जिसमें भौतिकी विभाग के शोधकर्ताओं की संख्या सर्वाधिक रही थी।

कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान उसके शोधकर्ताओं से होती है। यह पहल शोध वातावरण को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और इससे विश्वविद्यालय की वैश्विक छवि एवं रैंकिंग में निरंतर सुधार की संभावना है।

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