Sunday, February 15, 2026
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शहीद जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा

सुखपुरा/बलिया(राष्ट्र की परम्परा)।

r“जब तक सूरज चांद रहेगा, राजकुमार तेरा नाम रहेगा… राजकुमार अमर रहे” के गगनभेदी नारों से रविवार को धनौती गांव और आसपास का पूरा इलाका गूंज उठा। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शनिवार की सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के चार जवानों की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। इनमें जनपद बलिया के सुखपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत धनौती निवासी कॉन्स्टेबल राजकुमार गोंड भी शामिल थे।
रविवार दोपहर लगभग बारह बजे जैसे ही शहीद जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा, हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। हर आंख नम थी और हर चेहरा गमगीन। गांव की गलियां सिसकियों और श्रद्धांजलि के नारों से गूंज उठीं। पार्थिव शरीर के साथ आए सीआरपीएफ के जवानों तथा उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों ने पूरे सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। वर्दीधारी साथियों की नम आंखों के बीच जब सलामी दी गई तो वातावरण अत्यंत भावुक हो उठा।बताया जाता है कि राजकुमार गोंड छुट्टी समाप्त होने के बाद ड्यूटी पर लौटने के लिए अपने साथियों के साथ कार से रेलवे स्टेशन जा रहे थे। इसी दौरान छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई।मृतक जवान के घर का दृश्य बेहद मार्मिक था। पत्नी पूजा देवी बेसुध होकर विलाप करती रहीं। तीन माह का मासूम पुत्र हर्ष और पांच वर्षीया पुत्री श्रेयांशी अभी यह समझ भी नहीं पा रहे कि उनके सिर से पिता का साया उठ चुका है। पिता शमशेर और माता शिव कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित कोबरा बटालियन 201 के कमांडेंट अखिलेश कुमार शर्मा, सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर मुहम्मद शाजिद अंसारी, एसआई राम लखन सोनकर सहित कई अधिकारियों व जवानों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने भी पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद को नमन किया। धनौती ही नहीं, बल्कि पूरा क्षेत्र अपने वीर सपूत की असामयिक मृत्यु से स्तब्ध है। लोगों ने कहा कि राजकुमार गोंड का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और उनका नाम सदा सम्मान के साथ लिया जाएगा। पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। गांव में शोक की लहर है, लेकिन साथ ही अपने लाल पर गर्व भी है, जिसने देश सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

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