आगरा (राष्ट्र की परम्परा)।आगरा में अवैध खनन पर कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। प्रशासनिक स्तर पर लगातार चलाए जा रहे इस अभियान के तहत राजस्व, खनन, परिवहन तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। जिले में खनिज संपदा के अवैध दोहन, ओवरलोडिंग तथा बिना वैध अनुमति के परिवहन पर रोक लगाने के उद्देश्य से विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अवैध खनन पर कार्रवाई के लिए रात्री गश्त और सघन जांच अभियान विशेष रूप से प्रभावी साबित हो रहे हैं। इसी क्रम में संयुक्त टास्क फोर्स द्वारा बीती रात महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई, जिसमें अवैध रूप से उपखनिज गिट्टी परिवहन कर रहे वाहनों को पकड़ा गया।
विशेष चेकिंग अभियान में 47 वाहनों की जांच
खनन विभाग और थाना सैंया पुलिस की संयुक्त टीम ने आगरा-ग्वालियर रोड पर सैंया चौराहे के समीप सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान करीब 47 वाहनों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान दो वाहन बिना आईएसटीपी (इंटर स्टेट ट्रांजिट पास) और निर्धारित मानकों से अधिक ओवरलोड उपखनिज गिट्टी का परिवहन करते हुए पाए गए।
प्रशासन ने दोनों वाहनों को तत्काल प्रभाव से अवरुद्ध करते हुए थाना सैंया परिसर में नियमानुसार जब्त कर लिया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन वाहनों पर पहले से 12 ई-नोटिस लंबित थे। संबंधित वाहन चालकों से मौके पर ही सभी ई-नोटिस जमा करवाए गए।
अवैध खनन पर कार्रवाई से खनिज माफिया पर लगाम
जिला प्रशासन का मानना है कि आगरा में अवैध खनन पर कार्रवाई से खनिज माफिया की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। अवैध खनन से न केवल राजस्व की हानि होती है बल्कि पर्यावरणीय संतुलन पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। ओवरलोडिंग से सड़कों की गुणवत्ता खराब होने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है।
अधिकारियों ने बताया कि कई वाहन मालिक नियमों की अनदेखी कर अवैध तरीके से खनिज परिवहन करते हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए प्रशासन दंडात्मक कार्यवाही के साथ-साथ वाहन जब्ती जैसे कठोर कदम उठा रहा है।
संयुक्त टास्क फोर्स की लगातार निगरानी
प्रशासन द्वारा गठित संयुक्त टास्क फोर्स जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही है। यह टीम विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में आकस्मिक जांच अभियान चला रही है। टास्क फोर्स में राजस्व, खनन, परिवहन और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जिससे कार्रवाई अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन रही है।
जिला प्रशासन का कहना है कि आगरा में अवैध खनन पर कार्रवाई को निरंतर अभियान के रूप में चलाया जाएगा। भविष्य में भी रात्री चेकिंग, अचानक निरीक्षण और सघन प्रवर्तन जारी रहेगा।
ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त रुख
ओवरलोडिंग को लेकर प्रशासन ने शून्य सहिष्णुता नीति अपनाई है। अधिकारियों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों से सड़क संरचना को भारी नुकसान पहुंचता है, जिससे सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त भार पड़ता है। इसके अलावा ओवरलोड वाहन यातायात व्यवस्था को प्रभावित करते हैं और दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ाते हैं।
खनन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ भारी जुर्माना, वाहन जब्ती तथा अन्य कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
पर्यावरण संरक्षण भी अभियान का प्रमुख उद्देश्य
अवैध खनन पर कार्रवाई का एक प्रमुख उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण भी है। अवैध खनन से भूजल स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन होता है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध खनन से नदी तटों की संरचना प्रभावित होती है और इससे बाढ़ जैसी आपदाओं की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जन सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं अवैध खनन या ओवरलोडिंग की गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें। प्रशासन का मानना है कि जन सहयोग से ही अवैध खनन पर कार्रवाई को पूरी तरह सफल बनाया जा सकता है।
अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ अभियान चला रहा है और दोषियों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कार्रवाई की जाएगी।
भविष्य में और तेज होगा अभियान
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में इस अभियान को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा। जिले के अन्य संवेदनशील मार्गों और क्षेत्रों में भी विशेष निगरानी बढ़ाई जाएगी। टास्क फोर्स को तकनीकी संसाधनों से लैस कर निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।
आगरा में अवैध खनन पर कार्रवाई को लेकर प्रशासन की सक्रियता से यह संदेश गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
