मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0 के तहत जनपद मऊ में आयोजित रोजगार मेले ने दिव्यांगजनों के जीवन में नई उम्मीद जगाई। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) सहादतपुरा परिसर में आयोजित इस विशेष मेले में 66 दिव्यांग अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 21 को विभिन्न कंपनियों में रोजगार एवं स्व-रोजगार से जोड़ा गया। चयनित लाभार्थियों के चेहरों पर आत्मनिर्भर बनने की खुशी साफ झलक रही थी।
प्रधानाचार्य अरुण यादव ने बताया कि यह रोजगार मेला उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अंतर्गत आयोजित किया गया। शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक माह ऐसे आयोजनों के माध्यम से अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मेले में रमाया हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, एलआईसी मऊ और आयत प्राइवेट लिमिटेड सहित निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया। कंपनियों ने अभ्यर्थियों की योग्यता और कौशल के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी की।
कुल 66 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से साक्षात्कार और कौशल परीक्षण के बाद 21 लाभार्थियों का चयन किया गया। कुछ को कंपनियों में नौकरी का अवसर मिला, जबकि कुछ को स्वरोजगार योजनाओं के तहत आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया। चयनित अभ्यर्थियों ने इस पहल को अपने जीवन का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए सरकार और प्रशासन के प्रति आभार जताया।
जिला उद्योग केंद्र मऊ के सहायक आयुक्त शिव कुमार ने जानकारी दी कि जो दिव्यांग लाभार्थी स्वरोजगार अपनाना चाहते हैं, वे मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है, जिससे इच्छुक अभ्यर्थी अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0 का उद्देश्य केवल नौकरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि स्वरोजगार को भी प्रोत्साहित करना है।
प्रधानाचार्य ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक माह रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इच्छुक दिव्यांग बेरोजगारों से अपील की गई कि वे इन अवसरों का लाभ उठाएं। संस्थान द्वारा साक्षात्कार की तैयारी, कौशल प्रशिक्षण और परामर्श की सुविधा भी दी जाती है, ताकि अभ्यर्थी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
रोजगार मेले में योगेन्द्र यादव (रोजगार प्रभारी), अखिलेश कुमार, द्वारिका नाथ, एमआईएस प्रबंधक, अभिषेक शर्मा (डीपीएम), गोपाल दुबे, उपेन्द्र कुमार, आर्यन्त यादव, प्रहलाद यादव, प्रकाश वर्मा, विकास, शिवकुमार गौतम और राजकुमार सहित कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0 सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मत है कि ऐसे आयोजनों के नियमित संचालन से दिव्यांग बेरोजगारी दर में कमी आएगी और समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।
यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को भी मजबूती देती है। आर्थिक रूप से सशक्त होकर दिव्यांगजन न केवल अपने परिवार बल्कि समाज के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे। मऊ में चयनित 21 लाभार्थियों की सफलता अन्य अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
