देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026–27 के बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह बजट योगी सरकार की विदाई का बजट है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले नौ वर्षों में सरकार ने अपने बजटों में जो घोषणाएं कीं, उनका कोई ठोस परिणाम अब तक धरातल पर दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि सरकार अपने अंतिम वर्ष में जो बड़े-बड़े वादे कर रही है, उन्हें शेष एक वर्ष में पूरा करना संभव नहीं दिखता।
सुभाष चंद्र ने कहा कि संकल्प पत्र में महंगाई पर नियंत्रण, सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने और किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन इनमें से कोई भी वादा पूरी तरह साकार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मौजूदा बजट में भी महंगाई और बेरोजगारी दूर करने का कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है।
औद्योगिक निवेश के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की बात कर रही है, जबकि अब तक केवल लगभग एक लाख करोड़ रुपये का निवेश ही धरातल पर आ पाया है। ऐसे में एक वर्ष में शेष 49 लाख करोड़ रुपये का निवेश संभव नहीं प्रतीत होता।
उन्होंने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते में कृषि और डेयरी क्षेत्र को दी गई ढील का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे उत्पन्न संभावित संकट से प्रदेश के किसानों को बचाने के लिए बजट में कोई ठोस कार्ययोजना नहीं दिखाई देती।
सुभाष चंद्र ने आरोप लगाया कि यह बजट महंगाई बढ़ाने वाला है और प्रदेश के शिक्षित बेरोजगारों के साथ विश्वासघात करता है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी वर्ष के इस बजट में पूर्वांचल की 42 प्रतिशत आबादी की अनदेखी की गई है।
