गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। DDU Gorakhpur University को उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति–2022 के तहत प्रदेश में प्रस्तावित दुग्ध प्रसंस्करण एवं दुग्ध उद्योग इकाइयों के सत्यापन के लिए थर्ड पार्टी निरीक्षण पैनल गठन हेतु नामित किए जाने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है।
इस पहल से दुग्ध क्षेत्र की परियोजनाओं के तकनीकी मूल्यांकन और भौतिक सत्यापन में विश्वविद्यालय की अहम भूमिका तय मानी जा रही है।
दुग्ध उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
यह कदम प्रदेश में दुग्ध आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने, निवेश आकर्षित करने और डेयरी सेक्टर के आधुनिकीकरण को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ संकाय सदस्य डेयरी तकनीक, अभियांत्रिकी और संबंधित विषयों में तकनीकी सहयोग प्रदान करेंगे। इससे प्रस्तावित इकाइयों की गुणवत्ता और मानकों का प्रभावी परीक्षण सुनिश्चित होगा।
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कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने क्या कहा?
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि नीति–2022 के प्रभावी क्रियान्वयन में विश्वविद्यालय की सहभागिता प्रदेश के कृषि और दुग्ध आधारित उद्योगों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय समाजोन्मुखी शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
विशेषज्ञों की भागीदारी से परियोजनाओं का पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सत्यापन सुनिश्चित होगा, जिससे आधुनिक डेयरी अवसंरचना, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों को डेयरी प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और शोध के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे।
प्रक्रिया शुरू
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। संबंधित विभागों के विशेषज्ञों को नामित करने की कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाएगी।
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