Tuesday, February 10, 2026
Homeबिहार प्रदेशबिहार विधानसभा में गूंजी अस्पतालों की बदहाली, मैथिली ठाकुर का तीखा सवाल

बिहार विधानसभा में गूंजी अस्पतालों की बदहाली, मैथिली ठाकुर का तीखा सवाल

बिहार (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सरकारी अस्पतालों की बदहाल स्थिति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई। इस बार यह मुद्दा युवा विधायक और प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने पूरे जोर-शोर से उठाया। प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के सरकारी अस्पताल की जर्जर हालत को लेकर सरकार के लिखित जवाब पर गंभीर सवाल खड़े किए।

मैथिली ठाकुर ने कहा कि कागजों पर हालात भले ही बेहतर दिखाए जा रहे हों, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने सदन को बताया कि अस्पताल की इमारत बेहद जर्जर अवस्था में है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। छत से प्लास्टर गिरना, दीवारों में गहरी दरारें और बरसात के मौसम में वार्डों में पानी टपकना आम बात हो चुकी है।

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि इसी खतरनाक इमारत में मरीजों का इलाज किया जा रहा है, गर्भवती महिलाओं को भर्ती किया जाता है और छोटे बच्चों को भी रखा जाता है, जो लोगों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है।
सरकार द्वारा दिए गए लिखित जवाब पर असंतोष जताते हुए विधायक ने कहा, “मैं इस जवाब से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हूं। इसमें कहा गया है कि इमारत सिर्फ मरम्मत योग्य है, लेकिन मैंने खुद मौके पर जाकर हालात देखे हैं।”

ये भी पढ़े- रात के अंधेरे में सक्रिय चोर, सलेमपुर स्टेशन से दो बाइक चोरी

मैथिली ठाकुर ने यह भी बताया कि अस्पताल में फिलहाल एक छोटे से कमरे में स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही हैं और वहां एक भी एमबीबीएस डॉक्टर तैनात नहीं है। पहले दो डॉक्टर थे, लेकिन अब दोनों पद खाली हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब हर साल स्वास्थ्य बजट में बढ़ोतरी हो रही है, तो फिर अस्पतालों की स्थिति में सुधार क्यों नहीं हो रहा। डॉक्टरों और दवाओं की कमी के साथ-साथ जर्जर भवनों को उन्होंने सबसे बड़ा खतरा बताया।

स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस समस्या को गंभीरता से ले रही है। कई अस्पतालों के लिए नई इमारतों को मंजूरी दी जा चुकी है और कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य भी चल रहा है। साथ ही अत्यधिक जर्जर भवनों की पहचान कर मरम्मत की योजना बनाई गई है।
हालांकि, इस जवाब से मैथिली ठाकुर संतुष्ट नजर नहीं आईं। उन्होंने कहा कि उनका अस्पताल कई वर्षों से सूची में है, लेकिन अब तक न मरम्मत शुरू हुई और न ही नई इमारत का निर्माण हुआ।

इस मुद्दे पर बार-बार सवाल उठने से सदन का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया। विपक्षी विधायकों ने मेज थपथपाकर समर्थन जताया, जबकि सत्ताधारी पक्ष असहज नजर आया। पहली बार विधानसभा में बोल रहीं मैथिली ठाकुर की इस मुखरता ने सत्र में अलग पहचान बना दी।

ये भी पढ़े- https://ce123steelsurvey.blogspot.com/2026/01/earthquake-engineering-structural.html?m=1

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments