विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन, शिक्षा को बताया अनमोल रत्न
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)अंजुमन इमदाद-उल-इंसान (मदरसा इमदाद-उल-उलूम) कोपागंज का वार्षिक सम्मेलन मदरसे के विशाल प्रांगण में भव्य और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। पिछले वर्षों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी सम्मेलन का आयोजन शिक्षकों के प्रमुख मौलाना महफूज आरिफ साहब नदवी की देखरेख में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा कुरान पाठ से हुई, जिसके बाद हम्द-नात शरीफ, उर्दू, हिंदी एवं अंग्रेजी भाषाओं में प्रभावशाली भाषण और संवाद प्रस्तुत किए गए। बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के विशेष अतिथि भारत की नबास उम्मत फिकह अकादमी के सदस्य हजरत मौलाना मुफ्ती अनवर अली साहब ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि धार्मिक और दुनियावी शिक्षा का संतुलन ही एक मजबूत समाज की नींव रखता है।
मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अल्ताफ अंसारी साहब ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा को सफलता की कुंजी बताया।
सम्मेलन की अध्यक्षता मदरसे के नाज़िम कारी यासीन साहब ने की, जबकि कार्यक्रम का प्रायोजन मदरसे के अध्यक्ष एवं समिति के प्रतिनिधि अध्यक्ष अरशद रियाज साहब द्वारा किया गया।
इस अवसर पर कोपागंज थाना प्रभारी रविंद्रनाथ राय ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों को अधिक से अधिक शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए, तभी वे समाज और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
मौलाना शमशेर अली साहब ने कहा कि शिक्षा एक अनमोल रत्न है, जिसे प्राप्त करना हर बच्चे के लिए अत्यंत आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों के मनोबल को ऊंचा करते हैं और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।कार्यक्रम के दौरान नाज़िम सत्र द्वारा उपस्थित लोगों से प्रश्नोत्तर भी कराए गए, जिनके सही उत्तर देने वालों को पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं छठी कक्षा के अरबी के छात्रों द्वारा प्रस्तुत विदाई गीत ने माहौल को भावुक बना दिया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन मदरसे के शिक्षक हजरत मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम साहब ने किया।
इस अवसर पर कारी सिराज साहब, हाजी मौलाना राशिद इसरार साहब, शहीदा लारी मौ, इकबाल-उज़-ज़मान, हबीब नीता, इरफान अज़ीज़, मौलवी आदिल अनीस, मौलवी हारिस, मोहम्मद हसन सहित मदरसे के शिक्षक, समिति सदस्य, शहर के अन्य मदरसों के शिक्षक एवं छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
अंत में विशेष अतिथि की दुआ के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।
