शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)l कस्बा गढ़िया रंगीन में शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता, जागरूकता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों, कार्यकर्ताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की।
सम्मेलन की मुख्य वक्ता सुरभि राठौड़ ने समाज में मातृशक्ति की अहम भूमिका पर प्रकाश डालते हुए पांच परिवर्तनों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज के निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहीं अर्पित भामाशाह ने “विकसित भारत और उसकी चुनौतियां” विषय पर अपने विचार रखते हुए वर्तमान परिस्थितियों में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रभात सहाय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर उसके संगठनात्मक कार्यों और राष्ट्र सेवा में योगदान की जानकारी दी। देव धाम नौसेरा के पीठाधीश्वर स्वामी सत्यदेव महाराज ने “हिंदुत्व एवं हिंदू जागरण” विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए हिंदू समाज को संगठित रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन खण्ड कार्यवाह ज्योति प्रसाद ने किया। इस अवसर पर वंश, अनमोल, अगरपाल, संजीव, पवन, नीलेश, ज्ञानेश्वर, सोनू तथा विद्यालय प्रधानाचार्य निरभान सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
आरएसएस शताब्दी वर्ष पर विशाल हिंदू सम्मेलन सामाजिक एकता का दिया संदेश
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