आगरा(राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस कदम बढ़ाए हैं। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार, मरम्मत, पुनर्निर्माण और अवस्थापन सुविधाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी ने की।बैठक का उद्देश्य उन विद्यालयों की स्थिति में सुधार लाना है, जिनके भवन समय के साथ जर्जर हो चुके हैं और जहां विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त विद्यालय भवन आवश्यक हैं, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।बैठक में बताया गया कि प्रोजेक्ट अलंकार सहयोगी अनुदान योजना के तहत उन अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनकी मान्यता अवधि 01 अप्रैल 2023 तक 75 वर्ष पूर्ण हो चुकी है और जिनके भवन अत्यधिक जर्जर अवस्था में हैं। वहीं, 75 वर्ष से कम मान्यता अवधि वाले विद्यालयों को भी, यदि भवन की स्थिति अत्यंत खराब है, तो जिला स्तरीय समिति की संस्तुति और शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के अनुमोदन के बाद योजना में शामिल किया जा सकेगा।जिला विद्यालय निरीक्षक ने बैठक में जानकारी दी कि जिन विद्यालयों में छात्र संख्या 300 से कम है, उन्हें इस योजना से आच्छादित नहीं किया जाएगा। यह निर्णय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और संसाधनों के समुचित उपयोग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।प्रोजेक्ट अलंकार के तहत चयनित विद्यालयों में व्यापक अवस्थापन विकास कार्य कराए जाएंगे। इनमें विद्यालय की बाउंड्री वॉल का निर्माण एवं मरम्मत, शौचालयों का निर्माण व नवीनीकरण, कक्षाओं का जीर्णोद्धार, पुस्तकालय और कॉमन रूम का विकास, प्रयोगशालाओं का सुदृढ़ीकरण, शुद्ध पेयजल व्यवस्था, छत, फर्श, दरवाजे और खिड़कियों की मरम्मत के साथ-साथ रंगाई-पुताई एवं अन्य संरचनात्मक सुधार शामिल हैं। इन कार्यों से विद्यालयों का शैक्षणिक माहौल सुरक्षित और प्रेरक बनेगा।बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि योजना के अंतर्गत होने वाले कार्यों की कुल लागत 75:25 के अनुपात में वहन की जाएगी। इसमें 75 प्रतिशत धनराशि राज्य सरकार और 25 प्रतिशत धनराशि संबंधित संस्था द्वारा दी जाएगी। संस्थाएं अपनी हिस्सेदारी सांसद या विधायक निधि, सीएसआर फंड, एलुमनाई सहयोग अथवा क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों और संस्थाओं से जुटा सकेंगी।गाइडलाइन के अनुसार जनपद आगरा में प्रथम चरण में 8 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का चयन किया गया है। इनमें बजाज राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, फतेहपुर सीकरी; जनता इंटर कॉलेज, फतेहाबाद; जनता इंटर कॉलेज, मिढ़ाकुर; गोपीचन्द्र शिवहरे सनातन धर्म कन्या इंटर कॉलेज, मुफीद एवं आम; डी.ए.वी. इंटर कॉलेज, कुण्डौल; रत्नमुनि जैन इंटर कॉलेज, आगरा; तथा मोतीलाल इंटर कॉलेज, सैया शामिल हैं। इन विद्यालयों का प्रोजेक्ट अलंकार के तहत व्यापक कायाकल्प किया जाएगा।जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रत्येक चयनित विद्यालय के लिए कार्यदायी संस्था नामित कर विस्तृत एस्टीमेट तैयार किया जाए और उसे शीघ्र शासन को भेजा जाए, ताकि समयबद्ध रूप से कार्य प्रारंभ हो सके। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, विनय तिवारी, वित्त एवं लेखा अनुभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी, हरीश कुमार सिंह, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
