कुशीनगर, (राष्ट्र की परम्परा)
वर्ल्ड वेटलैंड डे के अवसर पर जनपद कुशीनगर के मनीताल खोटही क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वन विभाग, पर्यावरण विभाग एवं नमामि गंगे अभियान के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों एवं पर्यावरण प्रेमियों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को मनीताल वेटलैंड क्षेत्र का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रजातियों के विदेशी पक्षियों को नजदीक से देखा, जिससे उनमें उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिली। विशेषज्ञों द्वारा छात्रों को वेटलैंड के महत्व, जैव विविधता और पक्षी संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
जागरूकता कार्यक्रम को और रोचक बनाने के लिए चित्रकला एवं संभाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा और वेटलैंड के महत्व जैसे विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही छात्रों को मियां बाकी पद्धति से किए गए पौधारोपण क्षेत्र का भी भ्रमण कराया गया, जिसे पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से उपयोगी बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह पद्धति कम संसाधनों में अधिक हरियाली विकसित करने में सहायक है।
यूएनपीजी कॉलेज पडरौना के डॉ. आनंद ओझा ने कहा कि वेटलैंड पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। क्षेत्रीय वनाधिकारी कसया जयंत कुमार राणा ने समाज की सहभागिता को आवश्यक बताया। डीपीओ जिला गंगा समिति नम्रता भट्ट ने कहा कि नमामि गंगे अभियान के तहत वेटलैंड संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान रामदेव प्रसाद, प्रधानाध्यापक भोला कुशवाहा, वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
