महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। ग्रामीण रोजगार सृजन को नई मजबूती देने की दिशा में जनपद महराजगंज ने बड़ा कदम बढ़ाया है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में मनरेगा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026–27 के श्रम बजट को लेकर कार्यदायी संस्थाओं, समस्त खंड विकास अधिकारियों एवं ब्लॉक प्रमुखों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की कार्ययोजना और लेबर बजट पर विस्तार से मंथन हुआ।
जिलाधिकारी ने वीसी के माध्यम से सभी विकासखंडों के ब्लॉक प्रमुखों व अधिकारियों से संवाद करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि श्रम बजट की कार्ययोजना का अनुमोदन क्षेत्र पंचायत की बैठक में अनिवार्य रूप से कराया जाए। सभी ब्लॉक प्रमुखों ने यह पुष्टि की कि उनके-अपने विकासखंडों की कार्ययोजना मनरेगा अधिनियम, नियमावली एवं शासन के दिशा- निर्देशों के अनुरूप, जमीनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है और ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत से अनुमोदन के बाद ही जनपद स्तर पर भेजी गई है।
बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद से मनरेगा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026–27 में अनुमानित 70,38,217 मानव दिवस सृजन एवं 29560.52 लाख रुपये (लगभग 295.60 करोड़ रुपये) का श्रम बजट शासन को प्रेषित किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ को निर्देशित किया कि कार्ययोजनाएं ग्राम स्तर पर वास्तविक जरूरतों के अनुसार ही तैयार की जाएं। साथ ही मनरेगा कार्यों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से संपादित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने नियमित पर्यवेक्षण के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी।
इसके अलावा मनरेगा के अंतर्गत कार्यरत सक्रिय श्रमिकों की ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में उपायुक्त श्रम रोजगार ने बताया कि जनपद में लगभग 2.86 लाख पंजीकृत श्रमिक हैं, जिनमें से 1.51 लाख श्रमिकों की ई-केवाईसी पूर्ण हो चुकी है। शेष श्रमिकों की प्रक्रिया तेजी से पूरी कराई जा रही है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, उपायुक्त श्रम रोजगार गौरवेंद्र सिंह, परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।
