बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
रेवती जूनियर हाई स्कूल प्रांगण में सोमवार को “हमारा आंगन–हमारे बच्चे” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और अभिभावकों में शैक्षिक जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग तथा प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी से गुलजार रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नायब तहसीलदार बांसडीह रजनीश सिंह ने अपने संबोधन में शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि एक शिक्षित समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव रखता है। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनके कंधों पर आने वाली पीढ़ी के भविष्य को संवारने की बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे उन्हें पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दें।एडीओ पंचायत शशिभूषण दूबे ने सरकार की शिक्षा संबंधी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों की भूमिका की सराहना की, जो प्रारंभिक बाल शिक्षा को मजबूत बनाने में अहम योगदान दे रही हैं।खण्ड शिक्षा अधिकारी डीपी सिंह ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों, शिक्षकों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से विद्यालय और समुदाय के बीच समन्वय मजबूत होता है, जिससे बच्चों की उपस्थिति और सीखने की गुणवत्ता में सुधार होता है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा लघु सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिन्होंने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। शिक्षकों ने बच्चों को नियमित विद्यालय आने, स्वच्छता बनाए रखने और मन लगाकर पढ़ाई करने की शपथ भी दिलाई।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे: नायब तहसीलदार बांसडीह रजनीश सिंह ,एडीओ पंचायत शशिभूषण दूबे,खण्ड शिक्षा अधिकारी डीपी सिंह,मंडलाध्यापक – कामिनी पाण्डेय, हरिशंकर सिंह, प्रदीप शुक्ला,बुद्धि अस्थाना,आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियाँ एवं विद्यालय स्टाफ कार्यक्रम का समापन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना और शिक्षा के प्रति जागरूकता के संदेश के साथ किया गया।
