गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शहर के चंपा देवी पार्क में चल रही श्रीराम कथा के दौरान प्रभु राम के जन्म प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। व्यासपीठ से कथावाचक राजन जी महाराज ने श्रीराम जन्म की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि धरती पर भगवान राम का अवतरण धर्म, मर्यादा, आनंद, सुख और शांति के साथ धर्म स्थापना का आधार है। राम नाम का स्मरण मानव जीवन को श्रेष्ठ दिशा देता है।
भोजपुरी और मैथिली भजनों के मधुर संगम के साथ जैसे ही राम जन्म प्रसंग की झांकी सजी, पूरा पंडाल राममय हो गया। श्रद्धालु उल्लास में झूम उठे। राजन जी महाराज ने कहा कि भगवान राम ने पुत्र, पति, राजा और आदर्श पुरुष के रूप में मर्यादित जीवन जीकर मानवता को मार्ग दिखाया, इसी कारण उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया।
उन्होंने कहा कि राम कथा भगवान की विशेष कृपा से ही सुनने को मिलती है। जिस जीवन में सत्संग है, समझिए उस पर प्रभु की अनुकंपा है। भक्त के लक्षण बताते हुए उन्होंने कहा कि कथा सुनते समय जब रोम-रोम पुलकित हो जाए, वाणी अवरुद्ध हो जाए और आंखों से अश्रुधारा बहने लगे, वही सच्ची भक्ति है।
राजन जी महाराज ने कहा कि जीवन में श्रेष्ठ लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मन की शांति आवश्यक है। भगवान राम शांत स्वरूप हैं और पाप रहित मोक्ष व शांति प्रदान करने वाले हैं। लोकप्रिय भजन “राजा जी खजनवा दे द” प्रारंभ होते ही श्रद्धालु तालियों की गड़गड़ाहट के साथ झूम उठे और वातावरण भक्ति गंगा में सराबोर हो गया।
कथा में सांसद जगदंबिका पाल, विधायक प्रदीप शुक्ला, विधायक अभिषेक त्रिपाठी, पूर्व मेयर डॉ. सत्या पांडेय, विद्या मंदिर शिक्षण संस्थान के प्राचार्य चमन राय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, यजमान और श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया।
